अंटार्कटिका से टूटा अब तक का सबसे बड़ा हिमखंड, दक्षिणी ध्रुव के लिए बन सकता है ‘बड़ा खतरा’

अंटार्कटिका से अब तक का सबसे बड़ा हिमखंड टूट कर अलग हो गया है। इसका आकार 5,800 वर्ग किलोमीटर है। वैज्ञानिकों का कहना है कि खरबों टन वजन वाला यह हिमखंड दक्षिणी ध्रुव के आसपास से गुजरने वाले पोतों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। एक बड़ा हिस्सा टूटने से लार्सन सी आइस शेल्फ का आकार 12 फीसदी घट गया है।अंटार्कटिका से टूटा अब तक का सबसे बड़ा हिमखंड, दक्षिणी ध्रुव के लिए बन सकता है 'बड़ा खतरा'
 
इस हिमखंड के टूटने के बाद अंटार्कटिका प्रायद्वीप का आकार भी हमेशा के लिए बदल गया है।  वैज्ञानिकों का कहना है कि अंटार्कटिका से हिमखंड अक्सर टूटते रहते हैं। लेकिन यह हिमखंड काफी बड़ा है और समुद्र में इस हिमखंड पर निगरानी रखे जाने की जरूरत है क्योंकि यह समुद्री यातायात के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

पश्चिमी अंटार्कटिका के आइस शेल्फ की दरार पर वर्षों से नजर रख रहे अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक यह हिमखंड 10 और 11 जुलाई को अलग हुआ है। इस हिमखंड का नाम ए68 रखे जाने की संभावना है। यह आकार में एरी झील का दोगुना है। एरी को दुनिया के सबसे बड़ी झीलों में से एक माना जाता है।

बढ़ता तापमान जिम्मेदार, नहीं बढ़ेगा समुद्र जल स्तर

हालांकि वैज्ञानिकों ने बताया कि इस हिमखंड के टूटने से समुद्र से जल स्तर पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने हिमखंड टूटने के लिए बढ़ते तापमान को जिम्मेदार बताया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस हिमखंड का कुछ हिस्सा तापमान की वजह से पिघल सकता है पर यह कई दशकों तक समुद्र में मौजूद रह सकता है।

हिमखंड के टूटकर अलग होने का पता नासा के एक्वा मोडिस सैटेलाइट से मिले डाटा से चला है। इस हिमखंड के टूटने की प्रक्रिया एक साल पहले शुरू हो गई थी। 25 से 31 मई के बीच ही इसमें 17 किमी लंबी दरार आ गई थी।

24 और 27 जून के बीच बर्फ तेजी से अलग होने लगी थी और इसकी दरार रोजाना 10 मीटर बढ़ रही थी।  5,800 वर्ग किलोमीटर के आकार का ये आइसबर्ग अब तक टूटकर अलग हुए सभी हिमखंडों में सबसे बड़ा है। इससे पहले सबसे बड़ा टूटने वाला हिमखंड बी15 था। 4200 वर्ग किलोमीटर आकार का बी15 साल 2000 में रॉस आइस शेल्फ से अलग हो गया था। 

 

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