अंधेरे में भी दुश्मनोंं को मारने की ट्रेनिंग लेने वाली इन 36 महिलाअों के हवाले मोदी की सुरक्षा

इस बार दिल्ली में लाल किला पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान आतंकी हमले का खतरा कहीं ज्यादा है। खुफिया एजेंसियों ने भी दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान फिदायीन हमले की पुख्ता सूचना दी है। ऐसे में लाल किले में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा की कमान देश की पहली विशेष महिला स्वाट टीम संभालेगी।इस बार दिल्ली में लाल किला पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान आतंकी हमले का खतरा कहीं ज्यादा है। खुफिया एजेंसियों ने भी दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान फिदायीन हमले की पुख्ता सूचना दी है। ऐसे में लाल किले में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा की कमान देश की पहली विशेष महिला स्वाट टीम संभालेगी।   गृहमंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को देश की पहली महिला स्वाट टीम को दिल्ली में तैनात करेंगे। महिला स्वाट टीम के गठन और प्रशिक्षण के बाद ये इनकी पहली तैनाती होगी। इन महिला कमांडो को देशी-विदेशी विशेषज्ञों द्वारा 15 महीने का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया है। ये पहला मौका है जब खुले आसमान के नीचे और लाखों की भीड़ की मौजूदगी में होने वाले स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए महिला स्वाट टीम को तैनात किया जा रहा है। इस दौरान ये महिला कमांडो कई तरह के अत्याधुनिक हथियारों से लैस होंगी।   केजरीवाल ने ट्वीट पर सूत्रों के हवाले से बताया कि LG से नाराज़ हैं PM!! यह भी पढ़ें अंधेरे में भी दुश्मन की पहचान कर उसे खत्म करने की ट्रेनिंग  स्वाट कमांडो ट्रेनिंग बेहद कठिन होती है। यह फोर्स किसी भी स्थिति में दुश्मन का खात्मा करने की ताकत रखती है। इन्हें हवा, पानी और जंगल में ऑपरेशन को अंजाम देने में महारथ हासिल है। इन्हें अंधेरे में भी दुश्मन की पहचान कर उसे खत्म करने की ट्रेनिंग दी जाती है। आतंकी और नक्सली ऑपरेशन का काम इस टीम को दिया जाता है। 2008 में हुए मुंबई हमले के बाद भारत में स्वैट टीम बनाने की जरूरत महसूस हुई थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस को यह काम सौंपा गया।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को देश की पहली महिला स्वाट टीम को दिल्ली में तैनात करेंगे। महिला स्वाट टीम के गठन और प्रशिक्षण के बाद ये इनकी पहली तैनाती होगी। इन महिला कमांडो को देशी-विदेशी विशेषज्ञों द्वारा 15 महीने का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया है। ये पहला मौका है जब खुले आसमान के नीचे और लाखों की भीड़ की मौजूदगी में होने वाले स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए महिला स्वाट टीम को तैनात किया जा रहा है। इस दौरान ये महिला कमांडो कई तरह के अत्याधुनिक हथियारों से लैस होंगी।

अंधेरे में भी दुश्मन की पहचान कर उसे खत्म करने की ट्रेनिंग

स्वाट कमांडो ट्रेनिंग बेहद कठिन होती है। यह फोर्स किसी भी स्थिति में दुश्मन का खात्मा करने की ताकत रखती है। इन्हें हवा, पानी और जंगल में ऑपरेशन को अंजाम देने में महारथ हासिल है। इन्हें अंधेरे में भी दुश्मन की पहचान कर उसे खत्म करने की ट्रेनिंग दी जाती है। आतंकी और नक्सली ऑपरेशन का काम इस टीम को दिया जाता है। 2008 में हुए मुंबई हमले के बाद भारत में स्वैट टीम बनाने की जरूरत महसूस हुई थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस को यह काम सौंपा गया।

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