अक्षय तृतीया से फिर बजेंगी शहनाई, दिसंबर तक 41 विवाह मुहूर्त

 14 मार्च को खरमास लगने के साथ ही शादियों समेत अन्य शुभ कार्यों पर लगा विराम 14 अप्रैल को खत्म होने जा रहा है। इसके बाद 18 अप्रैल से सर्वार्थ सिद्धि योग में आ रही अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त से एक बार फिर शहनाइयां बजना शुरू होंगी। 14 अप्रैल के अगले तीन दिन तक विवाह के श्रेष्ठ मुहूर्त नहीं हैं, इसलिए विवाह कार्य 18 अप्रैल से ही शुरू हो रहे हैं।भोपाल। 14 मार्च को खरमास लगने के साथ ही शादियों समेत अन्य शुभ कार्यों पर लगा विराम 14 अप्रैल को खत्म होने जा रहा है। इसके बाद 18 अप्रैल से सर्वार्थ सिद्धि योग में आ रही अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त से एक बार फिर शहनाइयां बजना शुरू होंगी। 14 अप्रैल के अगले तीन दिन तक विवाह के श्रेष्ठ मुहूर्त नहीं हैं, इसलिए विवाह कार्य 18 अप्रैल से ही शुरू हो रहे हैं।  गौरतलब है कि 14 अप्रैल तक मीन संक्रांति का खरमास होने से शादियों एवं अन्य शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त नहीं मना जाता है। अप्रैल से जुलाई तक इस बार विभिन्न तारीखों में शादी के लिए कई श्रेष्ठ मुहूर्त आएंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया से पहले एक भी श्रेष्ठ मुहूर्त नहीं है। पंडित रामजीवन दुबे के मुताबिक अक्षय तृतीया भी खास है, क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6.06 से रात 8.10 बजे तक रहेगा। इसमें शादियां ही नहीं बाजार से खरीदारी भी शुभ रहेगी। सूर्य-चंद्रमा का उच्च राशि होना भी शुभता का प्रतीक है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस साल अप्रैल से दिसंबर तक कुल 41 विवाह मुहूर्त ही बन रहे हैं।  16 मई से 13 जून तक फिर लगेगा विवाहों पर विराम  16 मई से 13 जून तक अधिकमास में शादियों पर एक बार फिर विराम लग जाएगा। अगस्त, सितंबर, अक्टूबर से लेकर 18 नवंबर तक शादियां बंद रहेंगी। देव उठनी एकादशी 19 नवंबर को भी शादियों का मुहूर्त नहीं रहेगा। नवंबर माह में शुक्र मार्गी होकर पुनः अस्त हो जाएगा। 21 जुलाई भड़ली नवमी एवं 23 जुलाई को देव शयनी एकादशी को शादियां नहीं होंगी।  इन तारीखों में गूंजेगी शहनाई  अप्रैल- 18, 19, 20, 24, 25, 26, 27, 28, 29, 30, 18 अप्रैल अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त है।  - मई- 1, 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12, 13 (16 मई से 13 जून तक अधिमास में शादियां बंद रहेंगी)  - जून - 14, 18, 20, 21, 23, 25, 27, 28, 29, 30 विवाह मुहूर्त।  - जुलाई - 4, 5, 6, 9, 10, 11, 15, 16 (21 भड़ली नवमी एवं 23 जुलाई से देवशयनी एकादशी)  - नवंबर- शादियां नहीं होंगी  - दिसंबर-8, 10, 11, 15 विवाह मुहूर्त।  - अबूझ मुहूर्त में होंगे सैंकड़ों विवाह  18 अप्रैल को अक्षय तृतीया व अबूझ मुहूर्त पर शहर में विभिन्ना समाजों द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इनमें सैंकड़ों जोड़ों का विवाह संपन्ना होगा। एयरपोर्ट रोड स्थित आसाराम बापू आश्रम में ब्राह्मण समाज समिति द्वारा सर्व ब्राह्मण समाज का विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें 51 जोड़ों का विवाह होगा। विवाह सम्मेलन के अध्यक्ष गौरी शंकर काका व रमेश विरथरिया होंगे। पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि अबूझ मुहूर्त में शहर में सैंकड़ों शादियां होने जा रही हैं, जिसके कारण विवाह संपन्ना कराने वाले वैदिक ब्राह्मणों को अन्य जिलों से आमंत्रित किया जा रहा है।  कोलार रोड स्थित पाहाड़ा वाली माता पर भी विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही श्यामला हिल्स स्थित टैगोर छात्रावास खेल मैदान में भी सामूहिक विवाह सम्मेलन होगा। उमाशंकर गुप्ता के संरक्षण व नया भोपाल क्षेत्र जनकल्याण समिति के तत्वावधान में यह सम्मेलन होगा, जिसमें 51 सर्वजातीय जोड़ों का विवाह कराया जाएगा। विवाह सम्मेलन संयोजक शैलेन्द्र निगम ने बताया कि सम्मेलन से एक दिन पूर्व सभी कन्याओं की हल्दी, तेल, महंदी रस्म पूरी की जाएगी व महिला संगीत का आयोजन भी किया जाएगा। 18 अप्रैल सुबह 10 बजे सभी 51 दूल्हे सजकर घोड़ी पर सवार होंगे। जो पालीटेक्निक चौराहा स्थित गांधी भवन बारात लेकर सम्मेलन स्थल पर पहुंचेंगे। इसके अलावा रातीबड़, करोंद सहित कई कई समाजों के विवाह सम्मेलन अबूझ मुहूर्त में आयोजित किए जाएंगे।

गौरतलब है कि 14 अप्रैल तक मीन संक्रांति का खरमास होने से शादियों एवं अन्य शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त नहीं मना जाता है। अप्रैल से जुलाई तक इस बार विभिन्न तारीखों में शादी के लिए कई श्रेष्ठ मुहूर्त आएंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया से पहले एक भी श्रेष्ठ मुहूर्त नहीं है। पंडित रामजीवन दुबे के मुताबिक अक्षय तृतीया भी खास है, क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6.06 से रात 8.10 बजे तक रहेगा। इसमें शादियां ही नहीं बाजार से खरीदारी भी शुभ रहेगी। सूर्य-चंद्रमा का उच्च राशि होना भी शुभता का प्रतीक है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस साल अप्रैल से दिसंबर तक कुल 41 विवाह मुहूर्त ही बन रहे हैं।

16 मई से 13 जून तक फिर लगेगा विवाहों पर विराम

16 मई से 13 जून तक अधिकमास में शादियों पर एक बार फिर विराम लग जाएगा। अगस्त, सितंबर, अक्टूबर से लेकर 18 नवंबर तक शादियां बंद रहेंगी। देव उठनी एकादशी 19 नवंबर को भी शादियों का मुहूर्त नहीं रहेगा। नवंबर माह में शुक्र मार्गी होकर पुनः अस्त हो जाएगा। 21 जुलाई भड़ली नवमी एवं 23 जुलाई को देव शयनी एकादशी को शादियां नहीं होंगी।

इन तारीखों में गूंजेगी शहनाई

अप्रैल- 18, 19, 20, 24, 25, 26, 27, 28, 29, 30, 18 अप्रैल अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त है।

– मई- 1, 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12, 13 (16 मई से 13 जून तक अधिमास में शादियां बंद रहेंगी)

– जून – 14, 18, 20, 21, 23, 25, 27, 28, 29, 30 विवाह मुहूर्त।

– जुलाई – 4, 5, 6, 9, 10, 11, 15, 16 (21 भड़ली नवमी एवं 23 जुलाई से देवशयनी एकादशी)

– नवंबर- शादियां नहीं होंगी

– दिसंबर-8, 10, 11, 15 विवाह मुहूर्त।

– अबूझ मुहूर्त में होंगे सैंकड़ों विवाह

18 अप्रैल को अक्षय तृतीया व अबूझ मुहूर्त पर शहर में विभिन्ना समाजों द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इनमें सैंकड़ों जोड़ों का विवाह संपन्ना होगा। एयरपोर्ट रोड स्थित आसाराम बापू आश्रम में ब्राह्मण समाज समिति द्वारा सर्व ब्राह्मण समाज का विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें 51 जोड़ों का विवाह होगा। विवाह सम्मेलन के अध्यक्ष गौरी शंकर काका व रमेश विरथरिया होंगे। पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि अबूझ मुहूर्त में शहर में सैंकड़ों शादियां होने जा रही हैं, जिसके कारण विवाह संपन्ना कराने वाले वैदिक ब्राह्मणों को अन्य जिलों से आमंत्रित किया जा रहा है।

कोलार रोड स्थित पाहाड़ा वाली माता पर भी विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही श्यामला हिल्स स्थित टैगोर छात्रावास खेल मैदान में भी सामूहिक विवाह सम्मेलन होगा। उमाशंकर गुप्ता के संरक्षण व नया भोपाल क्षेत्र जनकल्याण समिति के तत्वावधान में यह सम्मेलन होगा, जिसमें 51 सर्वजातीय जोड़ों का विवाह कराया जाएगा। विवाह सम्मेलन संयोजक शैलेन्द्र निगम ने बताया कि सम्मेलन से एक दिन पूर्व सभी कन्याओं की हल्दी, तेल, महंदी रस्म पूरी की जाएगी व महिला संगीत का आयोजन भी किया जाएगा। 18 अप्रैल सुबह 10 बजे सभी 51 दूल्हे सजकर घोड़ी पर सवार होंगे। जो पालीटेक्निक चौराहा स्थित गांधी भवन बारात लेकर सम्मेलन स्थल पर पहुंचेंगे। इसके अलावा रातीबड़, करोंद सहित कई कई समाजों के विवाह सम्मेलन अबूझ मुहूर्त में आयोजित किए जाएंगे।

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