अखिलेश यादव ने कहा, बंगला के टोंटी व टाइल्स को मुद्दा बनाकर बदनाम करने की साजिश में सरकार

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकारी बंगले में तोड़-फोड़ को भाजपा सरकार का बेवजह का मुद्दा बताया है। अखिलेश यादव इटावा के सैफई से लखनऊ वापसी करते समय आज दिन में कन्नौज के फगुहा भट्ठा के पास रुके थे।उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने बाथरूम की टोटियां दिखाई हैं। बेडरूम नहीं दिखाया, अरे बच्चों का कमरा भी दिखाते, मीडिया को यह सब क्यों नहीं दिखाया। सब भाजपा की साजिश है, हमको बदनाम करने की।  भाजपा की नजर में जान की कीमत सिर्फ मुआवजा  पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे को दर्दनाक घटना बताया। उन्होंने इसका जिम्मेदार रोडवेज बस चालक और सरकार को ठहराया। उन्होंने कहा कि लखनऊ को आगरा से जोडऩे वाला एक्सप्रेस-वे खटारा रोडवेज बसों के लिए नहीं है। बस इतनी रफ्तार से क्यों दौड़ रही थी, जबकि ऐसे वाहनों की तेज रफ्तार प्रतिबंधित है।    प्रदेश सरकार को अगर एक्सप्रेस वे पर बस चलवाना है तो अच्छी कंडीशन वाली चलवाये, वॉल्वो जैसी चलवाये। मुआवजा के सवाल पर बोले भाजपा जान की कीमत मुआवजे से आंकती है, जान की कोई कीमत नहीं होती। अगर उन्हें मुआवजा ही देना था तो 20 से 50 लाख देते, ताकि उनके परिवार की स्थिति सुधरे।    उन्होंने कहा, रोडवेज चालक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। अखिलेश ने कहा कि हमने एक्सप्रेस वे पर कई सुविधाएं दी थीं, मगर इस सरकार में पुलिस काम नहीं कर रही इसके साथ ही काफी एम्बुलेंस का हाल खराब है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार किसी भी मुद्दे से जनता का ध्यान बंटाने में माहिर है। कैराना तथा नूरपुर में हार के बाद साजिश के तहत अब हमको बदनाम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने चार विक्रमादित्य मार्ग के जिस बंगला को खाली किया है, उसके हालात रहने लायक नहीं थे। हमने तो उसको खुद सजाया था और खुद का सामान निकाला है।

बंगला में तोडफ़ोड़ का मामला फर्जी तरह से तैयार कर बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार से तो मैं पहले भी कहा चुका हूं कि सरकार कपंनी का नाम बताए, मैं वहां पर सभी टोंटियां लगवा दूंगा। इसके साथ ही सरकार कह रही है कि मैंने बड़ा नुकसान किया है, अगर नुकसान किया है तो मुझे नोटिस भेजने के साथ उन सभी वस्तुओं का बिल भेजे जिनका मेरे ऊपर तोडऩे का आरोप लगा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में जहां सीएम योगी आदित्यनाथ बैठते हैं, वहां दोनों तरफ जो जालियां लगीं हैं, वो समाजवादी हैं। वहां भी हमने कई सामान लगवाया है, क्या सरकार वो वापस करेगी। उन्होंने कहा कि नेता जी ने कार्यालय के हाल में एसी लगवाया था, जिसे भाजपाइयों ने उखाड़ लिया और हाल तोड़ दिया, यह है असली तोडफ़ोड़।

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने बाथरूम की टोटियां दिखाई हैं। बेडरूम नहीं दिखाया, अरे बच्चों का कमरा भी दिखाते, मीडिया को यह सब क्यों नहीं दिखाया। सब भाजपा की साजिश है, हमको बदनाम करने की।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे को दर्दनाक घटना बताया। उन्होंने इसका जिम्मेदार रोडवेज बस चालक और सरकार को ठहराया। उन्होंने कहा कि लखनऊ को आगरा से जोडऩे वाला एक्सप्रेस-वे खटारा रोडवेज बसों के लिए नहीं है। बस इतनी रफ्तार से क्यों दौड़ रही थी, जबकि ऐसे वाहनों की तेज रफ्तार प्रतिबंधित है।

प्रदेश सरकार को अगर एक्सप्रेस वे पर बस चलवाना है तो अच्छी कंडीशन वाली चलवाये, वॉल्वो जैसी चलवाये। मुआवजा के सवाल पर बोले भाजपा जान की कीमत मुआवजे से आंकती है, जान की कोई कीमत नहीं होती। अगर उन्हें मुआवजा ही देना था तो 20 से 50 लाख देते, ताकि उनके परिवार की स्थिति सुधरे।

उन्होंने कहा, रोडवेज चालक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। अखिलेश ने कहा कि हमने एक्सप्रेस वे पर कई सुविधाएं दी थीं, मगर इस सरकार में पुलिस काम नहीं कर रही इसके साथ ही काफी एम्बुलेंस का हाल खराब है। 

 

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