अखिलेश से हुई मुलायम की मुलाकात, पिता के सामने रखीं कई शर्तें

मुलायम दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे तो आज बेटे अखिलेश की तरफ से चुनाव चिह्न साइकिल पर दावा ठोकने के लिए चाचा प्रोफेसर रामगोपाल यादव चुनाव आयोग पहुंचे। समाजवादी पार्टी में मचा घमासान फिलहाल थमता नहीं दिख रहा है। सोमवार को मुलायम अपना दुखड़ा लेकर दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे तो आज बेटे अखिलेश की तरफ से साइकिल पर दावा ठोकने के लिए चाचा प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। इस बीच आज दोनों धड़े में सुलह की एक और कोशिश नाकाम साबित हुई जब मुलायम और आजम खान के बीच होने वाली मीटिंग भी रद्द हो गई। आजम से मिले बिना ही मुलायम लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

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पिता से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव ने सुलह के लिए कई शर्तें रखी हैं जिनमें  सबसे बड़ी शर्त ये है कि मुलायम सिंह शिवपाल को यूपी की राजनीति से अलग रखेंगे और उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में भेजेंगे। इसके अलावा टिकट वितरण पर अंतिम फैसला सिर्फ मुलायम सिंह और अखिलेश ही तय करेंगे और प्रत्याशियों का चयन भी अखिलेश और मुलायम सिंह ही मिलकर करेंगे।

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मुलायम-अखिलेश की मीटिंग में मुलायम के करीबी बलराम यादव और गायत्री प्रजापति भी मौजूद। लखनऊ- मुलायम से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव। आज ही दिल्ली से लखनऊ पहुंचे हैं मुलायम। आजम खान से भी नहीं की थी मुलाकात। रामगोपाल यादव ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। मुलाकात के बाद रामगोपाल ने कहा- हमने चुनाव आयोग से कहा कि 90 फीसदी विधायक अखिलेश यादव का समर्थन कर रहे हैं। इसलिए उनकी पार्टी को ही मान्यता मिलनी चाहिए।

आजम खान ने कहा, मेरी भी अपनी सीमाएं हैं। मेरा मकसद था कि अखिलेश का निलंबन वापस हो जाए, उसमें कामयाबी मिली। माइनोरिटी वोट ये नहीं चाहेगा कि सपा सत्ता से जाए। मायूसी तो है, फिकरमंदी भी है, लेकिन अभी समय है। मैं आगे भी कोशिश करूंगा। अभी सब कुछ संभव है। नेताजी के दस्तख़त विवाद पर आजम खान ने कहा, दो दस्तख़त हैं, एक शॉट फॉर्म में एक फुल फॉर्म में। कहने वाले तो कुछ भी कहते हैं।

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