अगर घर में चाहते हैं सुख-शांति, तो पूजा घर में न करें ऐसी 5 गलतियां

हिन्दूधर्म में पूजा-उपासना का विशेष महत्व होता है। लोग भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए मंदिर जाते हैं। इसके अलावा घर में सुख-शांति और समृद्धि पाने के लिए पूजा घर बनवाते हैं जहां पर विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियां और तस्वारें रखते हैं। लेक‌िन कई बार जाने-अनजाने ऐसी गलत‌ियां हो जाती हैं ज‌िससे घर का पूजा स्‍थान उन्नत‌ि में बाधक बन जाता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार इससे कई तरह की परेशान‌ियों का सामना करना पड़ सकता है।अगर घर में चाहते हैं सुख-शांति, तो पूजा घर में न करें ऐसी 5 गलतियां

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बहुत से लोग अपने शयन कक्ष में ही पूजा स्‍थान बना लेते हैं जो वास्तु शास्‍त्र के अनुसार सही नहीं है। शयन कक्ष में पूजा घर नहीं होना चाह‌िए इससे पार‌िवार‌िक जीवन के संबंधों में परेशानी आती है।

आजकल घर में मंद‌िर बनाने का प्रचलन बढ़ गया है। जबक‌ि वास्तु व‌िज्ञान के अनुसार घर में पूजा का स्‍थान अलग से होना चाह‌िए लेक‌िन यह मंद‌िर नहीं होना चाह‌िए। मंद‌िर खुले स्‍थानों में होना वास्तु के अनुसार उच‌ित है।
 

पूजा घर में  पुराने हो चुके फूल, माला, अगरबत्त‌ियां जमा करके नहीं रखें इनसे नकारात्मक उर्जा का संचार होता है जो आपकी खुश‌ियां और आय को कम करने का काम करते हैं।
 

वास्‍तुशास्‍त्र के अनुसार पूजा घर शौचालय और स्नान गृह की दीवारों से लगा हुआ नहीं होना चाह‌िए।
रसोई घर के साथ भी पूजा घर नहीं होना चाह‌िए इसकी वजह यह है क‌ि रसोई घर में जूठन और डस्टबीन जैसी चीजें प‌व‌ित्रता को नष्ट करते हैं। साथ ही कभी भी सीढ़ी के नीचे पूजा घर नहीं बनानी चाहिए।
 

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