अगर प्रशासन पहले एक्शन ले लेता तो नहीं होता मुंबई फुटओवर ब्रिज हादसा…

मुंबई के एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में 22 लोगों ने जान गंवा दी वहीं 39 लोग जख्मी हैं। अब सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट देखे जा रहे हैं जिन पर अगर प्रशासन पहले एक्शन ले लेता तो हादसे को टाला जा सकता था। अगर प्रशासन पहले एक्शन ले लेता तो नहीं होता मुंबई फुटओवर ब्रिज हादसा...#सावधान: अगर नहीं है आधार कार्ड तो बड़ी मुसीबत में फंसने वाला है आपका बच्चा…

हादसे से चार दिन पहले मुंबई के एक पत्रकार जिनका नाम संतोष है उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फुटओवर की फोटो पोस्ट करते हुए लिखा था कि अगर जल्द कुछ नहीं किया गया तो हादसा हो सकता है। फोटो में फुटओवर पर काफी भीड़ दिख रही है। संतोष की ही तरह जाने-माने कार्टूनिस्ट मंजुल ने भी सोशल मीडिया के जरिए हादसे से पहले प्रशासन का ध्यान इसकी तरफ खींचने की कोशिश की थी। 

फरवरी में किए गए ट्वीट में मंजुल ने रेलवे को चेतावनी दी थी कि कोई हादसा हो सकता है। दोनों ही लोगों ने अपने ट्वीट में रेल प्रशासन ने साथ-साथ रेल मंत्री, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग किया हुआ था, लेकिन किसी पर कोई सुनवाई नहीं हुई। एक वेबसाइट से बात करते हुए मंजुल ने कहा कि अगर सरकार उनके ट्वीट पर एक्शन ले लेती तो हादसे को टाला जा सकता था। इन दोनों के अलावा भी कई लोगों ने फुटओवर के लिए आवाज उठाई थी।

सात साल से लिख रहे हैं रेलवे को पत्र

रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले एक शख्स ने बताया कि वह पिछले सात सालों ने रेल प्रशासन को फुटओवर चौड़ा करने के लिए लिख रहे थे। उन्होंने परेल का भी जिक्र किया। शख्स ने कहा कि वहां भी ऐसे ही हालात हैं और अगर उसको भी जल्द से जल्द चौड़ा नहीं किया गया तो एलफिंस्टन जैसा हादसा हो सकता है।

आस-पास रहने वालों के मुताबिक परेल और एलफिंस्टन दोनों की शिकायत पर रेलवे के अपने कुछ अधिकारियों को निरीक्षण के लिए भेजा था लेकिन आगे कुछ नहीं हुआ था। कुछ यात्रियों ने कहा कि सरकार सुरक्षा देने की जगह वाई-फाई लगवाने पर ध्यान दे रही है।

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