अगर PM मोदी मान ले केजरीवाल का ये फॉर्मूला तो नहीं बढ़ेगा मेट्रो किराया!

दस अक्टूबर यानी मंगलवार से दिल्ली मेट्रो का किराया बढ़ना प्रस्तावित है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और केंद्र सरकार इसके पक्ष में हैं तो दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार विरोध पर अड़ी है. मगर अभी तक इसका कोई समाधान नहीं निकल पाया है.अगर PM मोदी मान ले केजरीवाल का ये फॉर्मूला तो नहीं बढ़ेगा मेट्रो किराया!Breaking: अमित शाह की मौजूदगी में 51 जिलों में भाजपा पार्टी दफ्तर का निमार्ण होगा शुरु !

केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच मेट्रो किराये को लेकर जो बहस शुरु हुई, वो पत्राचार तक पहुंच गई. रविवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री को बाकायदा चिट्ठी लिखकर मेट्रो किराये का नया फॉर्मूला दे दिया. यहां तक कि केजरीवाल ने मेट्रो दिल्ली सरकार को सौंपने की मांग रख डाली.

50-50 की पेशकश

केजरीवाल ने केंद्र सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि मेट्रो का किराया न बढ़ाया जाए, इसके एवज में दिल्ली सरकार नुकसान की भरपाई में मदद के लिए तैयार है. केजरीवाल ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार मदद का हाथ बढ़ाती है तो दिल्ली सरकार इसके लिए 1500 करोड़ रुपये देने को तैयार है.

केजरीवाल ने कहा है कि DMRC में केंद्र और दिल्ली सरकार की आधी-आधी हिस्सेदारी है, इसलिए केंद्र सरकार भी 1500 करोड़ रुपये दे, ताकि किराया न बढ़ाना पड़े. जबकि केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर दिल्ली सरकार मेट्रो किराये में बढ़ोतरी नहीं चाहती है तो उसे 3000 हजार करोड़ रुपए देने होंगे. 

अब क्या होगा?

मेट्रो प्रबंधन किराया कम करने के पक्ष में नहीं है. वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने भी खबर लिखे जाने तक केजरीवाल की चिट्ठी का कोई जवाब नहीं दिया है. साथ ही दिल्ली सरकार इस मसले को विधानसभा में उठाने जा रही है. जहां बीजेपी इसका विरोध करने के मूड में है.

अगर किराया बढ़ा दिया जाता है तो आम आदमी पार्टी सरकार अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है. साथ ही नई किराया निर्धारण समिति गठित करने की मांग भी कर सकती है. मगर फिलहाल दोनों सरकार और मेट्रो प्रबंधन की खींचतान के बीच दिल्ली की जनता को बढ़े किराये की मार से दो चार होना पड़ेगा.

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