अधिक मास में बन रहे ये विशेष संयोग

अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है . इस माह में पूजा पाठ का विशेष महत्व है .इस बार के अधिक मास में कुछ विशेष संयोग बन रहे हैं , वः भी एक पक्ष काल में बनने से इनका विशेष महत्व है. बता दें कि 1-2 नहीं बल्कि 9 संयोग ऐसे बन रहे है. इनमें 6 सर्वार्थसिद्ध योग, 1 अमृतसिद्ध योग और 2 रवियोग शामिल हैं . इस शुभ योगों में दान-पुण्य करना पुण्यदायी होता है.अधिक मास में बन रहे ये विशेष संयोग

आपको बता दें कि ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष में पहले वाले मलमास का बहुत अधिक महत्व होता है. इसे अधिक मास या पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है. यह हर साल नहीं आता है बल्कि 3 साल बहुत ये संयोग होता है.इस बार अधिक मास में 9 संयोग ऐसे बन रहे है। जिसमें 6 सर्वार्थसिद्ध योग, 1 अमृतसिद्ध योग और 2 रवियोग हैं ज्योतिषों के अनुसार इसे बहुत ही खास माना गया है,क्योंकि ये एक पक्ष काल में बन रहे हैं. आइये जानते हैं यह संयोग कब -कब बन रहे हैं .

ज्योतिषों के अनुसार ज्येष्ठ अधिकमास दूसरे पक्ष काल में3 जून, रविवार पंचमी के दिन सुबह 5.45 से दोपहर 11.58 तक सर्वार्थसिद्धि योग है .4 जून, सोमवार को सुबह 5.45 से दोपहर 3.05 तक फिर सर्वार्थसिद्धि योग फिर बन रहा है.8 जून, शुक्रवार को मध्यरात्रि में अमृतसिद्धि योग का संयोग बन रहा है. जो कि रात 11:02 से अगली सुबह 05:11 तक रहेगा. इसके अलावा 10 जून, शनिवार को पुरुषोत्तम एकादशी के साथ सर्वार्थसिद्धि योग रहेगा, जबकि 12 जून, मंगलवार को पुनः सर्वार्थसिद्धि बन रहा है तथा 12 जून, बुधवार को अधिकमास के समापन पर अमावस्या को सर्वार्थसिद्धि योग होगा. इन योगों में दान पुण्य कर लाभ कमा सकते हैं.

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