एसबीआई बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए किया खास ऐलान

नई दिल्ली : एसबीआई STATE BANK OF INDIA ने अपने ग्राहकों के लिए कुछ खास ऐलान किया है। बैंक के इस ऐलान से 500, 1000 के पुराने नोटों की समस्या से जूझ रहे लोगों को काफी फायदा होने वाला है।

एसबीआई बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए किया खास ऐलान
अभी-अभी आ रही खबरों के मुताबिक, बैंक ने एक बयान जारी कर कहा है कि वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए एसबीआई बैंक की किसी भी शाखा में अब परेशानी नहीं होगी। क्योंकि शनिवार और इतवार को बैंक ऐसे लोगों को लिए अलग विंडो खोलेगा। जिसमें सिर्फ महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक नए नोटों की निकासी कर सकेंगे।
इससे पहले एसबीआई की चैयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य ने 500, 1000 के नोटों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि एसबीआई की किसी भी शाखा में पुराने नोट बदलने के दौरान आपको अपने पहचान कार्ड की जरूरत नहीं होगी। इसे लेकर हम जल्द ही एक नोटिस जारी करने जा रहे हैं।
NRI भारतीयों की परेशानी को देखते हुए भी उन्होंने कहा कि जो किसी वजह से पुराने नोटों को बदल नहीं पा रहे हैं उनके पास निजी तौर पर एक व्यक्ति को भेजा जाएगा। जिसके पास ऑथिरिटी की तरफ से एक लेटर भी होगा।
SBI की अध्यक्ष ने कहा कि आम लोगों को की परेशानी को देखते हुए हमारे की बैंक की सभी शाखाओं को शनिवार और इतवार शाम बजे तक खोला जाएगा।

ATM से पैसा निकालने जाएं तो खाने का डिब्बा जरूर ले जाएं

 जानें अरुंधति भट्टाचार्य के बारे में –
1) अरुंधति भट्टाचार्य ने एसबीआई के लिए लगभग 4 दशक तक काम किया है। अरुंधति ने 1977 में यहां काम शुरू किया था। वह चीफ जनरल मैनेजर और डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर रह चुकी हैं।
2) एसबीआई के 200 साल के इतिहास में 2013 में अंरुधति चेयरमैन बनने वाली पहली महिला थी। वो इंडियन फॉर्चून-500 कंपनी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला भी बनीं।
3) चीफ जनरल मैनेजर के तौर पर अरुंधति ने बहुत सी योजनाएं लागू कीं. 
SBI General Insurance, SBI Macquarie Infrastructure Fund और SBI-SG Global Securities Private Ltd जैसी योजनाएं अरुंधति के नेतृत्व में ही शुरू हुई थीं। मोबाइल बैंकिंग और फाइनेंशियल प्लानिंग भी इन्होंने ही शुरू की थी।
4) फोर्ब्स मैगजीन 2016 के 100 मोस्ट पावरफुल वुमन लिस्ट में अरुंधति 25वें नंबर पर थीं। फोर्ब्स लिस्ट में सिर्फ 4 भारतीय महिलाओं ने जगह बनाई थी, जिनमें एक नाम उनका था। 
5) आपको जान कर हैरानी होगी कि अरुंधति का एजुकेशनल बैकग्राउंड फाइनेंस या कॉमर्स नहीं है। उन्होंने कोलकाता से इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है।
अंरुधति कहती हैं कि महिला होने के कारण आपको ना सिर्फ काम में बल्कि घर पर भी खुद को बार-बार साबित करना पड़ता है। 
 

You May Also Like

English News