अफगानिस्तान: 2018 पत्रकारों के लिए सबसे ज्यादा खून-खराबे का साल, जून तक 11 की हत्या

अफगानिस्तान में बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच साल की पहली छमाही में 11 पत्रकारों और मीडिया कर्मियों की मौत हुई है. एक स्वतंत्र मीडिया सुरक्षा समूह ने बुधवार को यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ से अफगान जनर्लिस्ट सेफ्टी कमेटी (एजेएससी) ने कहा, “2018 के पहले छह महीने अफगानिस्तान में मीडिया समुदाय और पत्रकारों के लिए सबसे ज्यादा खून-खराबे से भरा रहा. हिंसा और धमकी के करीब 89 मामले सामने आए, जिसमें से 11 में पत्रकारों की हत्या की गई.”

अफगानिस्तान में बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच साल की पहली छमाही में 11 पत्रकारों और मीडिया कर्मियों की मौत हुई है. एक स्वतंत्र मीडिया सुरक्षा समूह ने बुधवार को यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ से अफगान जनर्लिस्ट सेफ्टी कमेटी (एजेएससी) ने कहा, "2018 के पहले छह महीने अफगानिस्तान में मीडिया समुदाय और पत्रकारों के लिए सबसे ज्यादा खून-खराबे से भरा रहा. हिंसा और धमकी के करीब 89 मामले सामने आए, जिसमें से 11 में पत्रकारों की हत्या की गई."   एक हमले में एक साथ हुई थी 9 पत्रकारों की हत्या एक जिले में आतंकवादी हमले की घटना को कवर करने के दौरान नौ संवाददाताओं के एक समूह की 30 अप्रैल को आत्मघाती विस्फोट में हत्या कर दी गई. बाद में इस हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली. इसी महीने में दो अन्य पत्रकारों की दक्षिणी कंधार और पूर्वी खोस्त प्रांत में गोली मारकर हत्या कर दी गई.     Sharif Amiry @sharifamiry1  First half of 2018 is the bloodiest ever for journalists and media in #Afghanistan with 89 recorded cases of violence including 11 dead journalists #journalismisnotacrime The new six month report from @ajsc_afg is a gloomy read: http://bit.ly/2LppWSa   6:45 PM - Jul 18, 2018 8 See Sharif Amiry's other Tweets Twitter Ads info and privacy   प्रेस सुरक्षा समूह ने बढ़ी हिंसा और इसके जारी रहने के अलावा आंतकवादी समूहों द्वारा अफगान पत्रकारों को दी जा रही धमकी को लेकर चिंता जाहिर की है. यह आतंकवादी समूह खास तौर से तालिबान और आईएस हैं. एजेएससी ने कहा, "2018 के इस समय के दौरान हिंसा की अधिकता अभूतपूर्व रही है.

क हमले में एक साथ हुई थी 9 पत्रकारों की हत्या

एक जिले में आतंकवादी हमले की घटना को कवर करने के दौरान नौ संवाददाताओं के एक समूह की 30 अप्रैल को आत्मघाती विस्फोट में हत्या कर दी गई. बाद में इस हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली. इसी महीने में दो अन्य पत्रकारों की दक्षिणी कंधार और पूर्वी खोस्त प्रांत में गोली मारकर हत्या कर दी गई.

प्रेस सुरक्षा समूह ने बढ़ी हिंसा और इसके जारी रहने के अलावा आंतकवादी समूहों द्वारा अफगान पत्रकारों को दी जा रही धमकी को लेकर चिंता जाहिर की है. यह आतंकवादी समूह खास तौर से तालिबान और आईएस हैं. एजेएससी ने कहा, “2018 के इस समय के दौरान हिंसा की अधिकता अभूतपूर्व रही है.

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