अब और इंतजार नहीं! शिवपाल अपने जन्मदिन पर ले सकते हैं ये फैसला

समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेता मुलायम सिंह यादव के परिवार में चाचा-भतीजे के बीच छिड़ी सियासी रार अब निर्णायक मोड़ लेने वाली है। इसके लिए पूरा खाका तैयार हो चुका है। अब और इंतजार नहीं! शिवपाल अपने जन्मदिन पर ले सकते हैं ये फैसलावसंत पंचमी को शिवपाल सिंह यादव का 63 वां जन्मदिन है। इस अवसर पर होने वाले समारोह को मुलायम के लोग संगठन से जुड़े लोगाें ने ऐतिहासिक बनाने का निर्णय लिया है। कुनैरा के  पास वृंदावन गार्डन में जन्म दिवस समारोह भव्यता से मनाया जाएगा। समारोह में इटावा ही नहीं आसपास के  समाजवादी एकत्रित होंगे। आने वाले समय में नई राजनीति की इबारत लिखने की शुरूआत होगी। माना जा रहा है कि इस दिन शिवपाल सिंह यादव अपने अगले कदम एवं भविष्य की राजनीति का खुलासा कर सकते है।

समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता एवं पूर्व केबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव पिछले जनवरी 2017 से सपा में हाशिए पर चल रहे हैं। उन्हें एक साल से सपा में अपनों के बीच बेगानों की तरह से रहना पड़ रहा है। सपा की नीति नियंता समिति में उनके लिए कोई स्थान नहीं रखा गया है। सपा के सर्वेसर्वा अब पूर्व सीएम अखिलेश यादव  हैं। चाचा एवं भतीजे के बीच सुलह के तमाम प्रयास समय समय पर हुए परंतु कोई सफलता नहीं मिली। संभावनाओं के सारे रास्ते बंद होते देख अब शिवपाल सिंह यादव ने भी यह कहना शुरू कर दिया है बस बहुत हो गया अब अधिक इंतजार नहीं। फरवरी में आर -पार का ऐलान कर देंगे। उनके इस ऐलान के बाद सभी को आने वाले समय का इंतजार है।

शिवपाल सिंह यादव समर्थक इस बार वसंत पंचमी के दिन 22 जनवरी को उनके जन्मदिवस को यादगार बनाने में जुटे हैं। पूरे शहर को होर्डिग से पाटा जा रहा है। पांच साल में सपा की सरकार के दौरान भी इतने जोश से जन्म दिन नहीं मनाया गया । जितना इस बार मनाने की तैयारी चल रही है। मुलायम के लोग संगठन से जुडे़ संजय शुक्ला ने बताया कि कुनैरा के पास वृंदावन गार्डन में होने जा रहे जन्म दिवस समारोह में प्रदेश भर के समाजवादी नेताओं को आमंत्रित किया गया है।

इसमें आने वाले समय की रणनीति पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे जिले के कार्यकर्ता शिवपाल सिंह यादव के साथ हैं। वे जो भी निर्णय करेंगे। उस पर हम सभी लोग अमल करेंगे।  हालांकि शिवपाल सिंह यादव ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। माना जा रहा है कि कार्यकर्ताओं के बीच शिवपाल सिंह मन की बात जरूर कहेंगे। यहीं से आने वाले लोकसभा चुनाव में उनका रुख भी स्पष्ट हो जाएगा।

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