अब राज खुला, नवजोत सिंह सिद्धू ने क्‍यों उठाई करतारपुर कॉरिडोर की बात

यह राज खुल गया है पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने पाकिस्‍तान यात्रा के दौरान किस शख्‍स के कहने पर भारत और पाकिस्‍तान के बीच करतारपुर मार्ग खोलने का मामला उठाया। सिद्धू करतारपुर कॉरिडोर को खुलवाने की बात कर से चर्चा में आ गए हैं और यह मामला गर्म हो गया। सिद्धू को इसके लिए प्रेरित किया लुधियाना के सुखदेव सिंह वालिया ने।यह राज खुल गया है पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने पाकिस्‍तान यात्रा के दौरान किस शख्‍स के कहने पर भारत और पाकिस्‍तान के बीच करतारपुर मार्ग खोलने का मामला उठाया। सिद्धू करतारपुर कॉरिडोर को खुलवाने की बात कर से चर्चा में आ गए हैं और यह मामला गर्म हो गया। सिद्धू को इसके लिए प्रेरित किया लुधियाना के सुखदेव सिंह वालिया ने।   वालिया चार वर्षों से लगातार इस मामले को दुनिया भर के प्रभावशाली लोगों के साथ उठा चुका है। पाकिस्तान में इमरान के प्रधानमंत्री बनने का माहौल बनने से पहले ही इस शख्स ने सिद्धू से भी यह मामला उठाने के लिए आग्रह किया था। वालिया करीब ढाई वर्ष से इस मामले को लेकर सिद्धू से मेल इत्यादि के माध्यम से संपर्क बनाए हुए हैैं। सिद्धू को फेसबुक व वाट्सएप के जरिए दिए गए संदेशों को दिखाते हुए वालिया कहते हैैं उन्होंने ही सिद्धू को इस गलियारे के बारे में तमाम जानकारियां दीं। सुखदेव ने सिद्धू को लिखा था कि अब आपके मित्र इमरान प्रधानमंत्री बन रहे हैैं और वह कोशिश करें तो यह गलियारा खुल सकता है।   नवजोत सिद्धू बोले, काले पन्नों में दर्ज होगा बादल परिवार का नाम यह भी पढ़ें यह भी पढ़ें: फूल सी बेटी पर कोई कैसे ढा सकता है ऐसे कहर, जान कर दिल दहल जाएगा, पढ़ें खबर      सेटेलाइट मैपिंग के जरिए रखी जाएगी अवैध निर्माण करने वालों पर नजर यह भी पढ़ें इतना ही नहीं, उन्होंने इमरान खान को पत्र लिखने के साथ पाकिस्तान के तमाम समाचार पत्रों और मीडिया में करतारपुर कॉरिडोर को लेकर माहौल बनाया, ताकि इस गलियारे को खोलने के लिए पाकिस्तानी अवाम में भी माहौल बनाया जा सके। वालिया ने 'बुलंद सोच दी बुलंद आवाज' नामक फेसबुक पेज बनाया है, जिसमें वह दुनिया की तमाम हस्तियों को करतारपुर साहिब गलियारे के लिए भी अवगत करवाते रहते हैैं।  निक्की आर हेली को सारी जानकारी दी   नवजोत सिद्धू की पॉलिसी दरकिनार, बाजवा लाएंगे नई पॉलिसी यह भी पढ़ें वालिया बताते हैैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की करीबी और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की रंधावा हेली के पूर्वजों का भी इस ऐतिहासिक स्थल से नाता है। डेरा बाबा नानक स्थित अजीता रंधावा खूं निक्की के पूर्वजों के नाम पर है। इसी स्थान पर बैठकर गुरुनानक देव जी प्रवचन भी करते थे। सुखदेव वालिया ने निक्की हेली को मेल पर इसकी जानकारी देने के साथ उनके पूर्वजों के इससे जुड़े तथ्यों से अवगत करवाया। साथ ही उन्हें बताया कि यह गलियारा 'कॉरिडोर ऑफ पीस' साबित होगा। कॉरिडोर के खुलने से भारत-पाक रिश्ते मजबूत होने के साथ पूरे एशिया में शांति का माहौल बनेगा। इस पर निक्की ने उन्हें हर तरह से सहयोग करने का आश्वासन भी दिया।  यह भी पढ़ें: अब 'शून्य' से बाहर निकलने की जंग लड़ रहा योद्धा, खामोशी में बयां हो रही वीरता की कहानी   नवजोत सिद्धू का राहुल गांधी पर नया बयान, बताया खानदानी नेता यह भी पढ़ें सरना के माध्यम से सुषमा स्वराज तक पहुंचे  सुखदेव गिल ने मामले को विदेश मंत्रालय तक पहुंचने के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान व अकाली नेता परमजीत सिंह सरना तक पहुंच बनाई। उनके माध्यम से वह विदेश मामलों की मंत्री सुषमा स्वराज से मिले और उन्हें इस मामले में पाकिस्तान से बातचीत करने की अपील की।  किन लोगों तक पहुंची करतारपुर कॉरिडोर की आवाज  पिछले चार साल में सुखदेव वालिया ने देश ही नहीं, विदेश में भी प्रमुख हस्तियों से करतारपुर कॉरिडोर खोलने की अपील की। इसके लिए उन्होंने सैकड़ों रजिस्ट्रियां की और उस पर हजारों में खर्च आया, लेकिन उन्होंने अपना प्रयास नहीं रोका। जिन लोगोंं को इस संबंध में सूचित किया गया, उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, चीफ जस्टिस आफ इंडिया, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, कनाडा के सांसद संदीप सरां, सांसद केविन लैमोरियेक्स, सउदी अरब के किंग सलमान और प्रिंस, संयुक्त राष्ट्र, ब्रिटिश हाई कमीशन, सऊदी अरब एंबेसी, यूएसए एंबेसी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई शहवाज शरीफ आदि शामिल हैैं।

वालिया चार वर्षों से लगातार इस मामले को दुनिया भर के प्रभावशाली लोगों के साथ उठा चुका है। पाकिस्तान में इमरान के प्रधानमंत्री बनने का माहौल बनने से पहले ही इस शख्स ने सिद्धू से भी यह मामला उठाने के लिए आग्रह किया था। वालिया करीब ढाई वर्ष से इस मामले को लेकर सिद्धू से मेल इत्यादि के माध्यम से संपर्क बनाए हुए हैैं। सिद्धू को फेसबुक व वाट्सएप के जरिए दिए गए संदेशों को दिखाते हुए वालिया कहते हैैं उन्होंने ही सिद्धू को इस गलियारे के बारे में तमाम जानकारियां दीं। सुखदेव ने सिद्धू को लिखा था कि अब आपके मित्र इमरान प्रधानमंत्री बन रहे हैैं और वह कोशिश करें तो यह गलियारा खुल सकता है।

इतना ही नहीं, उन्होंने इमरान खान को पत्र लिखने के साथ पाकिस्तान के तमाम समाचार पत्रों और मीडिया में करतारपुर कॉरिडोर को लेकर माहौल बनाया, ताकि इस गलियारे को खोलने के लिए पाकिस्तानी अवाम में भी माहौल बनाया जा सके। वालिया ने ‘बुलंद सोच दी बुलंद आवाज’ नामक फेसबुक पेज बनाया है, जिसमें वह दुनिया की तमाम हस्तियों को करतारपुर साहिब गलियारे के लिए भी अवगत करवाते रहते हैैं।

निक्की आर हेली को सारी जानकारी दी

वालिया बताते हैैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की करीबी और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की रंधावा हेली के पूर्वजों का भी इस ऐतिहासिक स्थल से नाता है। डेरा बाबा नानक स्थित अजीता रंधावा खूं निक्की के पूर्वजों के नाम पर है। इसी स्थान पर बैठकर गुरुनानक देव जी प्रवचन भी करते थे। सुखदेव वालिया ने निक्की हेली को मेल पर इसकी जानकारी देने के साथ उनके पूर्वजों के इससे जुड़े तथ्यों से अवगत करवाया। साथ ही उन्हें बताया कि यह गलियारा ‘कॉरिडोर ऑफ पीस’ साबित होगा। कॉरिडोर के खुलने से भारत-पाक रिश्ते मजबूत होने के साथ पूरे एशिया में शांति का माहौल बनेगा। इस पर निक्की ने उन्हें हर तरह से सहयोग करने का आश्वासन भी दिया।

सरना के माध्यम से सुषमा स्वराज तक पहुंचे

सुखदेव गिल ने मामले को विदेश मंत्रालय तक पहुंचने के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान व अकाली नेता परमजीत सिंह सरना तक पहुंच बनाई। उनके माध्यम से वह विदेश मामलों की मंत्री सुषमा स्वराज से मिले और उन्हें इस मामले में पाकिस्तान से बातचीत करने की अपील की।

किन लोगों तक पहुंची करतारपुर कॉरिडोर की आवाज

पिछले चार साल में सुखदेव वालिया ने देश ही नहीं, विदेश में भी प्रमुख हस्तियों से करतारपुर कॉरिडोर खोलने की अपील की। इसके लिए उन्होंने सैकड़ों रजिस्ट्रियां की और उस पर हजारों में खर्च आया, लेकिन उन्होंने अपना प्रयास नहीं रोका। जिन लोगोंं को इस संबंध में सूचित किया गया, उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, चीफ जस्टिस आफ इंडिया, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, कनाडा के सांसद संदीप सरां, सांसद केविन लैमोरियेक्स, सउदी अरब के किंग सलमान और प्रिंस, संयुक्त राष्ट्र, ब्रिटिश हाई कमीशन, सऊदी अरब एंबेसी, यूएसए एंबेसी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई शहवाज शरीफ आदि शामिल हैैं।

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