अभी-अभी:लखनऊ में प्रदूषण कम करने के लिए CM योगी ने लिए ये सख्त फैसले…

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यावरण प्रदूषण कम करने के लिए गंभीर है। प्रदेश से 10 साल पुराने डीजल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। पर्यावरण की रक्षा के लिए कोई कदम हटाने से सरकार पीछे नहीं हटेगी। प्रदूषण की रोकथाम के लिए जागरूकता भी जरूरी है।अभी-अभी:लखनऊ में प्रदूषण कम करने के लिए CM योगी ने लिए ये सख्त फैसले...
योगी बुधवार को विधानसभा में पर्यावरण प्रदूषण पर सपा के नितिन अग्रवाल व संजय गर्ग के कार्यस्थगन प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण ज्वलंत और गंभीर विषय है। इसे लेकर उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की है।
नगर निगमों में पानी के छिड़काव के निर्देश

गाजियाबाद में प्रदूषण स्तर ज्यादा बढ़ा तो वहां तत्काल स्कूल बंद कर दिए गए। प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों व वाहनों के साथ ही खुले में बालू-मोरंग, मिट्टी ले जाने पर रोक लगाई गई। डीजल के पुराने वाहनों पर रोक की कार्रवाई शुरू की गई है।

10 साल से पुराने डीजल वाहनों पर चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध लगाया जाएगा ताकि लोगों को परेशानी न हो। नगर निगमों में पानी के छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं। मकानों, पेड़-पौधों पर पानी का छिड़काव जरूरी है ताकि उन पर जमी धूल की परत हट सके। प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भी गंभीर है।

केंद्र को भेजा 4 बायोडीजल संयंत्र लगाने का प्रस्ताव

सीएम ने कहा कि खेतों के वेस्ट को जलाने के बजाय उसे खरीदकर बायो फ्यूल बनाया जाए तो किसानों की आमदनी बढ़ेगी। गांवों में अभी भी पराली जला दी जाती है। शहरों में कूड़ा जला दिया जाता है। इन पर रोक लगाई गई है। शहरों में कूड़ा प्रबंधन बेहतर तरीके से होना चाहिए। केंद्र सरकार को चार बायो डीजल संयंत्र लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है।

जिलों को भेजी गाइडलाइन
योगी ने कहा कि प्रदूषण की समस्या पर्यावरण से लंबे समय से हो रहे खिलवाड़ का नतीजा है। पेड़ों का कटान हुआ, नदियों को काटकर अवैध खनन किया गया। विकास की अवैज्ञानिक सोच ने भी प्रदूषण को बढ़ावा दिया है। राज्य सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी जिलों को गाइडलाइन भेजी है।

प्रदेश के सभी प्रमुख महानगर प्रदूषण की चपेट में
इससे पहले सपा के नितिन अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख महानगर प्रदूषण की चपेट में हैं। इतने बड़े प्रदेश में प्रदूषण की निगरानी के लिए केवल 11 स्टेशन हैं जबकि दिल्ली में 23 स्थानों पर मॉनिटरिंग होती है। सपा के ही संजय गर्ग ने कहा कि देश के 10 सर्वाधिक प्रदूषित शहर यूपी के हैं। लखनऊ में प्रदूषण का स्तर साल भर में 134 दिन खतरनाक और 34 दिन बदतर स्थिति में रहा।

 

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