अभी-अभी: अखिलेश यादव की बढ़ गई मुश्किल…

लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने गोमती रिवरफ्रंट घोटाले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि, यह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट है। अब इस मामले में घोटाले की जांच की जा रही है। सीबीआई मामले से जुड़े करीब 8 इंजीनियर्स के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है। इस मामले में लखनऊ की एंटी करप्शन शाखा ने सिंचाई विभाग के तत्कालीन चीफ इंजीनियर गुलेश चंद, समेत 8 अधिकारियों के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कर दी है।अभी-अभी: अखिलेश यादव की बढ़ गई मुश्किल...

जब जीते हुए प्रत्याशी पर हारे हुए प्रत्याशी के कुछ लोगों ने बौखलाकर चला दीं गोलियां

इस मामले में राज्य सरकार ने, जांच करवाने की सिफारिश भी की थी। मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के अस्तित्व में आने के बाद, से ही माना जा रहा था कि, भाजपा नेतृत्व वाली सरकार रिवरफ्रंट मामले की जांच जरूर करेगी।

बाद में राज्य सरकार ने 4 अप्रैल को इस मामले की न्यायिक जांच करवाई। उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश आलोक सिंह की अध्यक्षता में जिस समिति का गठन किया गया है। उसने गोमती नदी चैनलाइजेशन परियोजना और गोमती नदी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच भी की थी।

जो लोग जांच में दोषी पाए गए थे, उन अधिकारियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाए जाने की संस्तुति की गई। रिवरफ्रंट घोटाले के मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज करने के साथ,प्रारंभिक जांच दर्ज की है। बताया गया कि, सीबीआई, पीई के तहत रिवरफ्रंट से जुड़े अन्य कामों की भी, प्रारंभिक जांच करेगी। गड़बड़ी सामने आने पर उनमें भी एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस मामले में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

You May Also Like

English News