अभी अभी: अरुण जेटली के इस बयान से पूरे शहर में आया भूचाल, चारो तरफ़ मचा बवाल…

एक तरफ मोदी सरकार लगातार विकास की बातों पर ध्यान दे रही है और दूसरी तरफ देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक बड़ा बयान देकर भूचाल मचा दिया है। देश के वित्त मंत्री का कहना है कि केंद्र सरकार किसानों का लोन माफ नहीं करेगी। उन्होंने किसानों का लोन माफ किए जाने की बात से साफ इनकार किया है। वित्त मंत्री ने इसके पीछे दलील भी दी है। दरअसल जेटली का कहना है कि भारत सरकार किसानों का लोन माफ नहीं करेगी, लेकिन राज्य सरकारें अपने हिसाब से किसानों की मदद कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि देश के राज्यों की सरकारें संसाधनों के जरिए इस तरफ में कदम बढ़ा सकती हैं और केंद्र सरकार से उन्हें जो मदद चाहिए होगी, वो मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने कई और भी बड़ी बातें कही।जेटली ने ये भी साफ किया कि सरकार इस नीति में राज्यवार भेद नहीं करेगी। जेटली का कहना है कि केंद्र की ओर से किसी विशेष राज्य को मदद करने को लेकर कोई नीति नहीं बनाई गई है। जेटली का कहना है कि इस वक्त देश के कई राज्यों से लोन माफी की मांग उठ रही है। लेकिन इस बीच केंद्र सरकार की अपनी ही नीतियां हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि कृषि सेक्टर को लेकर सरकार की अपनी पॉ़लिसी हैं, इन पॉलिसी के तहत सरकार लोन पर ब्याज में छूट और बाकी तरह की मदद कर सकती है। उनका कहना है कि ये सुविधाएं सरकार की तरफ से लगातार जारी रहेंगी। यहां आपको खास बात ये भी बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कई चुनावी रैलियों में पीएम नरेंद्र मोदी ने किसानों को लेकर कई बातें कही थी।

मोदी ने कहा था कि बीजेपी सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट मीटिंग में ही किसानों के लोन माफ कर दिए जाएंगे। अब वित्त मंत्री का ऐसा बयान सच में हैरान करने वाला है। राज्य सभा को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि राज्य सरकारों के पास अपने अपने संसाधन हैं और उन संसाधनों के जरिए राज्य सरकारें किसानो का लोन माफ करना चाहती हैं, तो वो ऐसा कर सकते हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी स्थिति पनपने नहीं देगी कि किसी एक राज्य की मदद की जा रही है और दूसरे राज्य के लिए किसी भी तरह की मदद नहीं। जेटली से पहले कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह का कहना था कि उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान किए वादे पर सरकार अमल करेगी, इसके अलावा छोटे और सीमांत किसानों के लोन माफ किए जाएंगे।

बीजेपी के लिए सबसे बड़ी मुश्किल ये है कि कांग्रेस इससे पहले कई बार किसानों के कर्ज माफ करने की बात कह चुके हैं। कांग्रेस का कहना है कि यूपीए सरकार ने 2006 में हिंदुस्तान के किसानों का लोन माफ कर दिया था। ये ही नहीं बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने उत्तर प्रदेश के किसानों के तर्ज पर महाराष्ट्र में भी किसानों का लोन माफ करने की बात कही थी। अब देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि केंद्र सरकार देशभर के किसानों का लोन माफ नहीं करेगी।  देखना है कि जेटली के इस बयान के बाद देशभर की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले वक्त में इस बयान पर राजनीति गर्मा सकती है। देखना ये भी है कि या जेटली एक बार फिर से इस पर कोई बयान देंगे।

indiatrendingnow.com से साभार…

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