अभी-अभी: इंडोनेशिया में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ हजारों मुस्लिमों ने रैली…..

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के यरूशलम को इजरायल की राजधानी मानने की घोषणा के बाद इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में मुख्य मस्जिद से हजारों मुस्लिमों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया.  दशकों पुरानी अमेरिकी नीति खत्म करते हुए ट्रंप द्वारा उठाये गये इस कदम के बाद इंडोनेशिया में यह सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन है. पुलिस का अनुमान है कि जुलूस में विभिन्न मुस्लिम संगठनों के लगभग 80 हजार लोगों ने हिस्सा लिया है.अभी-अभी: इंडोनेशिया में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ हजारों मुस्लिमों ने रैली.....#बड़ा खुलासा: सऊदी राजकुमार ने खरीदा दुनिया का सबसे महंगा घर, खर्च की इतनी रकम…

विरोध प्रदर्शन हालांकि शान्तिपूर्ण रहा लेकिन पुलिस ने जकार्ता स्थित अमेरिकी दूतावास के बाहर कंटीले तारों का बाड़ा लगाकर आंदोलन कर रहे लोगों को काबू में रखा. एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जुलूस के दौरान 20 हजार पुलिस और सैन्य कर्मी तैनात थे. इंडोनेशियन उलेमा काउंसिल के महासचिव अनवर अब्बास ने भीड़ में कहा कि वे सभी देशों से अमेरिका द्वारा येरुशलम को इजरायल की राजधानी मानने के एकतरफा और अवैध निर्णय को खारिज करने का आग्रह करते हैं. उन्होंने इंडोनेशिया में अमेरिकी राजदूत को याचिका देने से पहले कहा कि वह इंडोनेशिया के लोगों से अमेरिका और इजरायल के उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील करते हैं.

कई प्रदर्शनकारी सफेद कपड़े लपेटकर और हाथ में फिलिस्तीनी झंडा और प्रेम, शांति और स्वतंत्र फिलिस्तीन के बैनर लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. इंडोनेशिया में इस मुद्दे पर जगह-जगह विरोध हो रहे हैं जिनमें कुछ कट्टरपंथी संगठनों को अमेरिका और इजरायल के झंडे जलाते हुए भी देखा गया है. 

दुनियाभर के मुस्लिमों, यहूदियों और ईसाइयों के लिये विशेष धार्मिक महत्व रखने वाला यरुशलम इजरायल और फिलिस्तीन की शांति में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है. इजरायल ने वर्ष 1967 में इजरायल के पूर्वी हिस्से को हथिया लिया था. फिलिस्तीन पूर्वी यरुशलम के एक स्वतंत्र राज्य की राजधानी होने का दावा करते हुए उसे मांग रहा है जबकि इजरायल समूचे यरुशलम को अपनी राजधानी मानता है.

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