अभी-अभी: इस क्रिकेटर के खिलाफ हुआ घरेलू हिंसा का केस…

टीम इंडिया के बाहर चल रहे स्टार बल्लेबाज युवराज सिंह के लिए सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा है. दरअसल, युवराज सिंह की भाभी आकांक्षा शर्मा ने उन पर घरेलू हिंसा के आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है. इतना ही नहीं उन्होंने युवी के भाई जोरावर सिंह और मां शबनम पर भी ये आरोप लगाए हैं. समाचार एजेंसी एएनआई ने भी इस खबर की पुष्टि की है. अभी-अभी: इस क्रिकेटर के खिलाफ हुआ घरेलू हिंसा का केस...PCB का बड़ा बयान, कहा- BCCI करे MoU का सम्मान तभी वर्ल्‍ड लीग में खेलेगा पाकिस्‍तान

ये वही आकांक्षा शर्मा है जिन्होंने बिग बॉस 10 में हिस्सा लिया था. बता दें कि आकांक्षा ने बिग बॉस 10 के दौरान भी युवराज पर लगातार आरोप लगाए थे और युवी के खिलाफ कई खुलासे भी किए थे. एक इंटरव्यू में तो उन्होंने यह भी कहा था कि मैंने युवराज को गांजा पीते हुए देखा है. एक रिपोर्ट के अनुसार युवराज के भाई और मां के अलावा खुद युवी पर घरेलू हिंसा के मामले में केस दर्ज कराया गया है.

समाचार वेबसाइट स्पॉटब्वॉयई में छपी एक खबर के मुताबिक, आकांक्षा ने युवराज, उनके भाई और मां के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस दर्ज करवाया है. आकांक्षा की वकील स्वाति सिंह का इस बारे में कहना है कि वह अभी इस मामले में कुछ नहीं कहेंगी और इस मामले की पहली सुनवाई 21 अक्टबूर को होगी. स्वाति ने बताया कि पहली सुनवाई के बाद ही आकांक्षा कोई बयान देंगी या इस मुद्दे पर कुछ कहेंगी.

स्वाति ने यह भी कहा कि, युवराज सिंह की मां शबनम ने भी हाल ही में आकांक्षा के खिलाफ एक शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें उन्होंने आकांक्षा से सारी ज्वैलरी वापस लेने के लिए उन पर शिकायत की थी. उन्होंने कहा कि, संभवत: यह शिकायत सिर्फ गहनों के लिए की गई हो, पैसों को लिए नहीं. 

युवराज सिंह के इस मामले में शामिल होने को लेकर वकील स्वाति ने कहा कि, ‘घरेलू हिंसा का मतलब सिर्फ शारीरिक हिंसा से नहीं है. इसका मतलब मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना से है, जिसमें युवराज भी बराबर के भागीदार हैं.

स्वाति ने आगे कहा कि, ‘जब युवराज और जोरावर की मां आकांक्षा पर बच्चा पैदा करने का दबाव बना रही थी, तब युवराज भी इसमें बराबर के शामिल थे. उन्होंने भी आकांक्षा पर बच्चा पैदा करने का दबाव बनाया था. इस काम में युवराज ने अपनी मां का पूरा साथ दिया.

स्वाति ने कहा कि, ‘शबनम सिंह बहुत ही डोमिनेंट हैं. वह अपने फैसले सब पर थोपती हैं. जोरावर और आकांक्षा का हर फैसला शबनम सिंह पर ही निर्भर रहता था, जैसा वह कहती हैं, घर में उनकी ही मर्जी चलती है.’

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