अभी अभी: उत्तराखंड में फिर से आई बड़ी मुसीबत, पानी के सैलाब ने किया सब कुछ नष्ट, चारो तरफ मची भारी तबाही

उत्तराखंड में कैलाश मानसरोवर मार्ग पर बादल फटने के बाद पानी के सैलाब ने सबकुछ नष्ट कर दिया। कितनी मौते हुई अभी बताना मुश्किल है। तस्वीरें आपको वि‌चलित कर सकती हैं… अभी अभी: उत्तराखंड में फिर से आई बड़ी मुसीबत, पानी के सैलाब ने किया सब कुछ नष्ट, चारो तरफ मची भारी तबाही

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धारचूला तहसील के मालपा और मांगती में रविवार की रात करीब 2.30 बजे बादल फटने के कारण भारी तबाही मच गई। धारचूला से तवाघाट होते हुए मांगती तक जाने वाली सड़क के कई जगह टूट जाने से बचाव दलों और प्रशासन को मौके तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इलाके में संचार की कोई सुविधा न होने से ज्यादा कठिनाई पेश आई।  

जानकारी के अनुसार, शाम को करीब 6.30 बजे जिला आपदा नियंत्रण कक्ष ने कुछ जानकारियां जुटाने के बाद बताया गया कि मांगती में एक महिला का शव बरामद हुआ है और सेना के छह जवानों समेत आठ लोग लापता है। जबकि मालपा में चार लोगों के शव बरामद हुए हैं और दो लोग लापता बताए गए हैं। मांगती में चार और मालपा में एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना है। 

इधर, सूत्रों का कहना है कि मृतकों और लापता लोगों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। क्षेत्र में भारी बारिश के कारण राहत और बचाव के काम में कठिनाई आ रही है। दोनों स्थानों से मात्र सौ मीटर की दूरी पर महाकाली बहती है। यह भी आशंका है कि कुछ लोग महाकाली में बह गए होंगे।  

बताया गया है कि मांगती में सेना के कैंप को भारी नुकसान पहुंचा है। उनका सैन्य सामान, घोड़े, खच्चर और वाहन मलबे में दब गए हैं। मालपा में स्थानीय लोगों की तीन दुकानें टूट गई। मांगती में एक स्थानीय महिला का शव मिला है, लेकिन उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। 

चार लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। मालपा में चार शव बरामद हुए हैं। इनमें मालती देवी पत्नी पुष्कर सिंह निवासी बूंदी (धारचूला), जयमल सिंह पुत्र कर्णवीर सिंह निवासी जिप्ती, सुरेंद्र गर्ब्याल पुत्र दलीप गर्ब्याल निवासी गर्ब्यांग, नील बहादुर निवासी नेपाल शामिल हैं।

मालपा में दो लोग लापता बताए गए हैं। मांगती में 24 खच्चर और 16 बकरियां मारी गई हैं। मांगती तक धारचूला से सड़क बनी है, लेकिन यह सड़क तवाघाट से आगे बुरी तरह नष्ट हो गई है। इस सड़क पर तीन पुल बह गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार अभी खोजबीन का काम जारी है। इसमें आईटीबीपी, एसएसबी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना के जवान जुटे हुए हैं।

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