अभी अभी: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दिया बड़ा बयान, कहा- मील का पत्थर सा‍बि‍त हो रहा है ‘मिशन इंद्रधनुष’

हेल्थ से जुड़ी हर समस्या का समाधान बताया गया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी पहुंचे. उन्होंने इस कार्यक्रम मोदी सरकार के अंतर्गत के शुरू किए गए स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रकाश डाला.अभी अभी: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दिया बड़ा बयान, कहा- मील का पत्थर सा‍बि‍त हो रहा है 'मिशन इंद्रधनुष'#बड़ी खबर: फेसबुक मैसेंजर से बाबा की ONLY GIRLS नाइट पार्टी का हुआ बड़ा खुलासा…..

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार में शुरू हुई स्वास्थ्य योजनाओं से आम लोगों को काफी मदद मिल रही है. इससे जनता को काफी फायदा पहुंच रहा है, उन्हें सस्त‍ी दवाएं उपलब्ध करवाने की कोशिश हो रही है.

जेपी नड्डा ने अपने भाषण में कहा कि जहां तक भारत में स्वास्थ्य सेवाओं का सवाल है तो कई क्षेत्र में हम मजबूत हैं और कई में हम कमजोर हैं, जहां काम करना बाकी है. नड्डा ने बताया कि हमारा पब्लिक हेल्थ सिस्टम काफी मजबूत है. सवा अरब के देश में 2 करोड़ 70 लाख बच्चे हर साल पैदा होते हैं. उन तक पहले 7 किस्म के टीके दो साल में और अब 12 किस्म के टीके लगाना कोई छोटी प्रक्र‍िया नहीं है. हम पोलियो मुक्त हो चुके हैं, उसके बावजूद हमारा सर्विलेंस सिस्टम काफी मजबूत है. हमें जैसे ही कहीं वायरस की जानकारी मिलती है, हम वहां रीवैक्सिनेशन प्रोजेक्ट चलाते हैं.

नड्डा ने यह भी कहा कि इबोला का पैसेंट भी जब देश में इंटर करता है तो हम उन्हें तब तक क्वारनटाइन में रखते हैं, जब तक वह ठीक न हो जाए. बड़े बड़े देशों में इबोला इंटर कर चुका है, लेकिन हमारे अचूक सिस्टम की वजह से हम इबोला फ्री हैं. नड्डा ने देश की स्वास्थ्य सेवा की तारीफ की. नड्डा ने कहा कि मेडिकल सिस्टम में हम इंटरनेशनली भी सर्व कर रहे हैं. हमारे डॉक्टर ही विदेश में भी सेवा दे रहे हैं.

नड्डा ने स्वीकार किया कि हां यह बात जरूर है कि देश में स्वास्थ्य सेवाएं काफी असामान्य हैं. जहां साउथ और वेस्टर्न जोन की स्वास्थ्य सेवाएं काफी अच्छी है तो वहीं सेन्ट्रल, ईस्टर्न और नॉर्थ इंडिया में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल है. इसलिए हमने इन इलाकों में एम्स खोलने की कोशिश की है. साथ ही ग्रामीण इलाके में स्वास्थ्य सेवाएं अच्छी नहीं है. ऐसे में हमने पीपीपी मॉडल के जरिए यह बदलाव लाने की कोशिश की है. 

मोदी सरकार की नई हेल्थ पॉलिसी पर भी जेपी नड्डा ने जागरुक किया. नड्डा ने बताया कि नई हेल्थ पॉलिसी में हमने इलाज के साथ बचाव और जागरुकता पर भी जोर दिया है. मि‍शन इंद्रधनुष के जरिए बचाव के क्षेत्र में अच्छा काम किया है. कैंसर, डाइबिटिज जैसे क्षेत्रों में हमने जल्दी पता लगाकर इलाज करने पर ध्यान दिया है.

पीपीपी मॉडल पर बोलते हुए नड्डा ने कहा कि हमने प्राइवेट संस्थानों की भी मदद लेने की कोशिश की है. हमने आयूष के जरिए क्रॉस चिकित्सा पद्धति देने की कोशिश कर रहे हैं. कैंसर जैसे इलाजों के लिए किमोथैरेपी तो जरूरी है, लेकिन आयुर्वेद से इम्यून सिस्टम बेहतर हो सकता है. ऐसे में हम रिसर्च कर दोनों पद्धति को साथ लाने की कोशि‍श कर रहे हैं.

बच्चों के सवाल पर नड्डा ने कहा कि हमने मिशन इंद्रधनुष के जरिए इम्यूनज़ैशन सिस्टम को बढ़ाया. यह अब 6 से 7 प्रतिशत तक हो गया. हमने इम्यूनज़ैशन सिस्टम में चार नए टीकों को जोड़ा जिसमें मिजल्स और रुबेला को कंबाइन किया. हमने रोटा वायरस को जोड़ दिया है. हमने इम्यूनज़ैशन सिस्टम से 10 लाख बच्चों को जोड़ा है. नड्डा ने कहा कि हमने कई ऐसे समूहों के बीच पहुंचने की कोशिश की है जो आजतक किसी भी स्वास्थ्य संस्थाओं से नहीं जुड़े हुए नहीं थे.

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