अभी अभी: कोच कुंबले ने गुस्से से बोले- कोहली ने हमारी ‘पार्टनरशिप’ कर दी खत्म…

टीम इंडिया के कोच अनिल कुंबले ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने कुंबले से वेस्टइंडीज दौरे तक टीम इंडिया का कोच बने रहने के लिए कहा था। चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के बाद कुंबले का एक साल का अनुबंध समाप्त हो गया था। गौरतलब है कि कुंबले के इस्तीफे ने एक बार फिर उनके और खिलाड़ियों के बीच मनमुटाव की बातों हवा दी है।अभी अभी: कोच कुंबले ने गुस्से से बोले- कोहली ने हमारी 'पार्टनरशिप' खत्म कर दी

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अपने इस्तीफे के कुछ घंटो बाद ही अनिल कुंबले ने ट्वीट कर सीएसी को ‘थैंक यू’ कहा। इसके साथ ही अनिल कुंबले ने अपने ट्वीट में खत भी जोड़ा, अंग्रेजी में लिखा गया था। इस पत्र में कुंबले ने कई बातें लिखी हैं। बता दें कि टीम इंडिया ने कुंबले के कार्यकाल के दौरान शानदार खेल दिखाया और बीते एक वर्ष में एक भी सीरीज नहीं गंवाई। कुबंले ने अपने पत्र में लिखा:

“सीएसी ने मुझे मुख्य कोच पर बने रहले के लिए कहा। मुझ पर दिखाए गए उनके भरोसे से मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। बीते एक वर्ष की सफलता का श्रेय कप्तान, पूरी टीम, सहायक कोच और सपोर्टिंग स्टाफ को जाता है। इस खत से पहले, बीसीसीआई ने पहली बार मुझे बताया कि कप्तान को मेरे ‘तरीकों’ और मेरे कोच बने रहने से दिक्कत थी।”

“मुझे यह अटपटा लगा क्योंकि मैंने हमेशा कोच और कप्तान की बीच की सीमाओं को सम्मान किया है। हालांकि, बीसीसीआई ने हमारे बीच की खाई पाटने की कोशिश की, मगर यह साफ हो गया कि अब सब कुछ ठीक नहीं हो सकता। ऐसे में अब मेरे लिए आगे बढ़ जाना ही सबसे बेहतर विकल्प होगा।”

“प्रोफेशनलिस्म, अनुशासन, समर्पण, ईमानदारी और हुनर जैसे कुछ गुण मैं अपने साथ लाया। इनके सम्मान से ही संबंधों बेहतर किया जा सकता है। एक कोच को टीम को बेहतर बनाने के लिए खुच को भी निरंतर रूप से बेहतर बनाना होता है। मेरे अनुसार इन मतभेदों के बीच यह जिम्मेदारी बीसीसीआई और सीएसी को सौंप देना ही बेस्ट होगा। वो इसे अपने विवेक अनुसार किसी को भी दे सकते हैं।”

 
“मैं एक बार फिर बीसीसीआई और सीएसी का शुक्रिया अदा करता हूँ। पिछले एक साल टीम इंडिया के साथ जुड़े रहना एक सम्मानजनक बात थी। इसके अलावा मैं क्रिकेट फैंस और भारतीय क्रिकेट समर्थकों के आपार प्यार और साथ का भी शुक्रिया अदा करता हूँ। मैं हमेशा अपने देश की क्रिकेट परंपरा का शुभचिंतक बना रहूंगा।”

 

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