अभी-अभी: पंजाब सरकार ने शराब को लेकर लिया ये बड़ा फैसला…

पंजाब सरकार ने मंगलवार को अपनी शराब पॉलिसी को मंजूरी दे दी. काफी लंबे समय के बाद राज्य सरकार ने अपनी इस पॉलिसी के तहत शराब का कोटा कम करने की वकालत की है और दूसरी तरफ ठेकेदारों की गिनती बढ़ा दी है ताकि राज्य में कंपटीशन हो. इस नई पॉलिसी के तहत सरकार को 900 करोड़ रुपये का फायदा होगा.अभी-अभी: पंजाब सरकार ने शराब को लेकर लिया ये बड़ा फैसला...पिछली पॉलिसी के मुताबिक राज्य में कुल 84 ठेकेदार थे ये संख्या बढ़कर अब 700 हो गई है. सरकार ने मोनोपॉली को खत्म करते हुए शराब के कारोबार को छोटे-छोटे ग्रुपों में बांट दिया है और एक ठेकेदार 4 से 5 करोड़ रुपये तक का ही कारोबार कर सकता है.

सरकार ने यह भी ध्यान रखा है कि पंजाब के पड़ोस में राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और जम्मू कश्मीर राज्य हैं वहां पहले शराब सस्ती थी जिसके चलते पंजाब में शराब की बहुत ज्यादा स्मगलिंग होती थी. अब स्मगलिंग को रोकने के लिए सरकार ने पंजाब में शराब सस्ती कर दी है. अब नई पॉलिसी के बाद देसी और अंग्रेजी दोनों शराब काफी कम रेट में मिलेगी.

कैबिनेट मीटिंग के बाद राज्य के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने मीडिया को बताया कि सरकार की मंशा है कि पंजाब में शराब को कम से कम किया जाए और राज्य के लोग कम शराब पिएं, इसलिए पिछले 2 सालों में शराब का कोटा 47 फीसद कम हुआ है जिसमें पिछले साल 15 फीसदी और अब 32 फीसदी शराब का कोटा कम हुआ है. उन्होंने कहा कि सरकार का यही एजेंडा था कि राज्य में शराब के कारोबार को कम किया जाए क्योंकि शराब पीने की आदत पंजाब में काफी बढ़ती जा रही थी, जिसके चलते ही इस बार शराब का कोटा कम किया गया है.

मनप्रीत सिंह बादल ने बताया कि देसी शराब में 20 फीसदी और आईएमएफ कोटे के तहत भी 20 फीसदी रेट कम कर दिए हैं. उन्होंने कहा कि पिछले साल शराब नीति के तहत राज्य को 5100 करोड़ की आमदनी हुई थी और इस बार 6000 करोड़ रुपये की आमदनी होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि पहले हॉस्टल 250 रुपये की बोतल मिलती थी और अब राज्य में 180 रुपये से लेकर 200 रुपये तक शराब की बोतल मिलेगी. 

मनप्रीत ने यह भी बताया कि देसी शराब का कोटा 8.45 से कम कर 5.78 कर दिया है जबकि आईएमएल का कोटा 3.71 से घटाकर 2.48 और बीयर का कोटा 3.22 से घटाकर 2.57 प्रूफ लीटर कर दिया है. इसके अलावा उन्होंने बताया कि राज्य में एक पंजाब पुलिस बल के तहत राज्य की पुलिस को जोन में तक्सीम किया है जिसके तहत इनके इंचार्ज डीआईजी या फिर आईजी रैंक के अधिकारियों होंगे और वही उनके सभी कामों को देखेंगे.

यह बिल आगामी विधानसभा बजट सत्र के दौरान पेश किया जाएगा. इसी तरह राज्य सरकार ने पंजाब रिस्पॉन्सिबिलिटी एक्ट को भी मंजूरी दी है और इस एक्ट के लिए सरकार ने एक सब कमेटी का भी गठन किया है जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री, राज्य के वित्त मंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री शामिल होंगे. इस एक्ट के तहत सभी विभागों में सरकार को जो बदलाव करने हैं उसके तहत बदलाव किए जाएंगे. सरकार ने इस एक्ट को लागू करने के लिए राज्य के पूर्व मुख्य सचिव के.आर लखन पाल को पहले से ही चेयरमैन बना रखा है और अब इस कमीशन के साथ राज्य की 3 मेंबर सब कमेटी भी काम करेगी.

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