अभी-अभी: पीयूष गोयल ने दिया बड़ा बयान, कहा- परेशानियां 1-2 साल पुरानी नहीं, विरासत में मिलीं

मुंबई एलफिंस्टन स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर हुए हादसे के बाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने खुद मीडिया के सामने आकर सफाई दी। गोयल ने कहा कि रेलवे के ढांचे की समस्या उनके (एनडीए) शासन काल से पहले से चली आ रही हैं और इसको बदलने के लिए ही बुलेट ट्रेन लाई जा रही है। पीयूष गोयल ने कहा कि यह एक बहाना नहीं है लेकिन भारतीय रेल में दिक्कतें पिछले एक दो साल में शुरू नहीं हुईं बल्कि पहले से चली आ रही हैं। गोयल ने कहा ये सभी दिक्कतें उनकी सरकार को 2014 में विरासत में मिलीं।अभी-अभी: पीयूष गोयल ने दिया बड़ा बयान, कहा- परेशानियां 1-2 साल पुरानी नहीं, विरासत में मिलीं‘अमेरिका का चहेता’: पाक विदेश मंत्री को हाफिज सईद ने भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस…

रेल मंत्री ने आगे कहा कि जो लोग बुलेट ट्रेन का विरोध कर रहे हैं उनको बताना चाहिए कि क्या वह लोगों की सुरक्षा नहीं चाहते या फिर उनको 100 साल पुरानी तकनीक पर भरोसा  है। गोयल ने कहा जो लोग इसका (बुलेट ट्रेन) का विरोध कर रहे हैं उन्हें जनता को जवाब देना चाहिए, क्या वो जनता को पीड़ित, असुरक्षित रखना चाहते हैं?
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गोयल ने आगे बताया कि रेल मंत्रालय ने पश्चिमी रेलवे के लिए 10 नए फुटओवर ब्रिज बनाने और 13 को चौड़ा करने का आदेश दिया है। सेंट्रल रेलवे में भी 20 नए फुटओवर बनाए जाएंगे। यह सारा काम एक साल के अंदर पूरा करने की बात भी कही गई है। 

मुंबई एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन
एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर मची भगदड़ की वजह से 22 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। वहीं 39 लोग जख्मी हो गए थे। यह भगदड़ कथित तौर पर फैली अफवाह की वजह से मची थी कि ब्रिज या उसका एक हिस्सा टूट गया है। इसके बाद लोग एक दूसरे के ऊपर चढ़-चढ़कर भागने लगे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सीने पर लगी चोट और दम घुटने की वजह से ज्यादातर लोगों की जान गई। एलफिंस्टन का फुटओवर ब्रिज 1972 में बना था। लेकिन 2017 आने तक भी इसको चौड़ा नहीं किया गया। अब रोजाना करीब एक लाख लोग इसका इस्तेमाल कर रहे थे।

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