अभी-अभी: पूर्व विस अध्यक्ष ने दिया ऐसा बयान, भाजपा ने थमाया नोटिस

भाजपा में टिकट को लेकर घमासान खुलकर सामने आने लगा है। पूर्व विस अध्यक्ष ने दिया ऐसा बयान दिया है जिससे पार्टी को सख्त कदम उठाना पड़ा है। अभी-अभी: पूर्व विस अध्यक्ष ने दिया ऐसा बयान, भाजपा ने थमाया नोटिस
भरमौर विधानसभा सीट से दावेदार और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष तुलसीराम शर्मा के टिकट न मिलने पर निर्दलीय उतरने के बयान पर पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस थमाया है। 

उन्हें प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती की ओर से भेजे नोटिस का सात दिन में जवाब देना है। टिकट के लिए मची खींचतान का यह पहला मामला है, जिस पर पार्टी ने कार्रवाई की है। 

भाजपा में एक सीट से कई दावेदार टिकट की कतार में हैं। भरमौर में जिया लाल और तुलसीराम शर्मा में टिकट के लिए प्रतिस्पर्धा बताई जा रही है। अभी पार्टी ने टिकटों को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन तुलसीराम ने मोर्चा खोल दिया है।

उन्होंने जिया लाल को टिकट देने पर निर्दलीय उतरने का दावा जताया था। 3 और 7 अक्तूबर को मामला मीडिया में आने के बाद पार्टी अब हरकत में आई है। पालमपुर में तुलसीराम की पत्रकार वार्ता को पार्टी अनुशासनहीनता के दायरे में मान रही है। 

सत्ती ने तुलसीराम शर्मा को नोटिस मिलने के सात दिन के भीतर दिए बयानों पर स्थिति साफ करने को कहा है। अगर लिखित जवाब नहीं दिया तो पार्टी अध्यक्ष उनके विरुद्ध अनुशासनहीनता के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। 

भाजपा में लगभग 35 सीटों पर बगावत के सुर उठ रहे हैं। टिकट की चाहत में कई दावेदारों के होने से प्रत्याशी सूची जारी होने के बाद बड़ा घमासान मचने के आसार हैं।

बंद कमरे में पवन काजल ने की धूमल से मंत्रणा 

विधानसभा क्षेत्र कांगड़ा से कांग्रेस के एसोसिएट विधायक पवन काजल ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से उनके निवास समीरपुर में मुलाकात कर काफी देर तक बंद कमरे में मंत्रणा की। एसोसिएट विधायक की गुप्त मंत्रणा की सूचना के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में इस मुलाकात को लेकर काफी चर्चा है।

पवन काजल पूर्व में भाजपा युवा मोर्चा में जिला सचिव पद पर रह चुके हैं। वर्ष 2012 में कांगड़ा सदर विधानसभा से भाजपा टिकट के लिए आवेदन किया था, लेकिन अंतिम समय पर उनका नाम लिस्ट से कट गया।

इसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी को हराकर विधानसभा में कदम रखा। निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद पवन काजल प्रदेश कांग्रेस सरकार में एसोसिएट रहे हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से नजदीकियों का फायदा लेेते हुए पवन काजल ने कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में कई विकास कार्य करवाए हैं।

इनमें डिग्री कॉलेज तकीपुर और डिग्री कॉलेज मटौर दो बड़े कार्य शामिल हैं। पवन काजल की पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात के कई मायने दिख रहे हैं। चूंकि, कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी एवं सीपीएस रहे सुरेंद्र चौधरी (काकू) के अलावा इस बार डॉ. राजेश शर्मा भी टिकट की दौड़ में हैं।

भाजपा से टिकट में अब तक पूर्व विधायक संजय चौधरी का नाम सबसे आगे है। दोनों दलों से टिकटार्थियों को देखते हुए अब कांग्रेस के एसोसिएट विधायक पवन काजल किस का दामन थामते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। 

कांग्रेस के एसोसिएट विधायक पवन काजल ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से मुलाकात की बात को नकारते हुए कहा कि वे हमीरपुर में किसी भी भाजपा नेता से नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि विधायक रहते कांगड़ा में विकास करवाया है। विकास के दम पर जनता का उन्हें आशीर्वाद प्राप्त होगा।  

नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने निर्दलीय विधायक पवन काजल से मुलाकात की बात को मानते हुए कहा कि चुनावी बेला है और ऐसे में आए दिन कई विधायक और पूर्व विधायक मिल रहे हैं। उन्होंने निर्दलीय विधायक की भाजपा में वापसी पर कहा कि पार्टी नेतृत्व सामूहिक तौर पर इस पर निर्णय लेगा।  

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