अभी-अभी: ‘पैराडाइज पेपर्स’ में हुए अमिताभ बच्चन से जुड़े ये बड़े खुलासे….

‘पनामा पेपर लीक्स’ के बाद एक्टर अमिताभ बच्चन का नाम ‘पैराडाइज पेपर्स’ में भी सामने आया है। नए खुलासे के मुताबिक क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के पहले सीजन के बाद अमिताभ बच्चन बरमूडा (ब्रिटेन का प्रवासी क्षेत्र) की एक डिजिटल मीडिया कंपनी के शेयरहोल्डर बने। इस कंपनी का नाम जलवा मीडिया लिमिटेड था। इस कंपनी को चार भारतीयों ने मिलकर स्थापित किया था। अभी-अभी: 'पैराडाइज पेपर्स' में हुए अमिताभ बच्चन से जुड़े ये बड़े खुलासे....

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अंग्रेजी अखबार अनुसार 19 जून 2002 को अमिताभ बच्चन और अमेरिका स्थित सिलिकॉन वैली के बिजनेसमैन नवीन चड्ढा ‘जलवा बरमूडा’ के शेयरधारक बने। रिपोर्ट के मुताबिक चार भारतीय एंटरप्रेन्योर्स- उर्शित पारिख, गौतम आनंद, तरुण अरोड़ा और शैलेंद्र जे सिंह ने जनवरी 2000 में कैलिफोर्निया में इसे स्थापित किया। फिर इसी साल फरवरी में भारत में इसे ‘जलवा मीडिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से लॉन्च किया गया। इसके बाद जुलाई 2000 में बरमूडा में भी ‘जलवा-बरमूडा’ नाम से कंपनी खुली जिसके शेयर्स अमिताभ बच्चन ने खरीदे। 

‘जलवा मीडिया’ को इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकैडमी अवॉर्ड्स (आईफा) के पहले समारोह की लाइव वेबकास्ट का भी कॉन्ट्रैक्ट मिला। पहला आईफा अवॉर्ड 22 जून 2000 को लंदन में आयोजित किया गया। गौरतलब है कि अमिताभ बच्चन आईफा के ब्रांड एंबैसडर हैं और उन्होंने इसके दो साल बाद (जून 2002) ‘जलवा मीडिया’ के शेयर्स खरीदे।  

विदेशी निवेश से जुड़े मामले में सेवा देने वाली लीगल फर्म ‘एप्पलबी’ के दस्तावेजों के अनुसार अमिताभ बच्चन जब ‘जलवा मीडिया’ के शेयरहोल्डर बने, उससे कुछ महीने पहले ही कंपनी के संस्थापकों में से एक उर्शित पारिख कंपनी (नवंबर 2001) छोड़ चुके थे। इसके बाद दूसरे संस्थापक गौतम आनंद ने सितंबर 2003 में और शैलेंद्र जे सिंह ने जुलाई 2004 में कंपनी से नाता तोड़ लिया। 

कंपनी की माली हालत बिगड़ रही थी। इसी बीच जुलाई 2005 में कैलिफोर्निया की एक आईटी कंपनी Caneum Inc ने ‘जलवा मीडिया’ के साथ एसेट पर्चेज अग्रीमेंट किया और इसके कुछ ग्राहकों के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट्स अपने हिस्से कर लिये। 

हालांकि’ इस डील के तीन महीने बाद ही ‘द बरमूडा सन’ में नोटिस छपा जिसके मुताबिक जलवा मीडिया के बर्मूडा स्थित विंग (जलवा-बरमूडा) को खराब कर्जदार घोषित करते हुए ‘डिजॉल्व्ड’ करार कर दिया गया। 

 हालांकि वेबसाइट jalvamedia.com के पास अभी भी 2016 कॉपीराइट स्टांप है। लेकिन इस पर कोई कंटेंट नहीं है। वेबसाइट पर जाने पर केवल ”पैशनेटली इंस्पायर्ड’ लिखा नजर आता है। ‘जलवा-बरमूडा’ के किसी भी शेयरहोल्डर ने मामले पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। 

अमिताभ बच्चन ने जब विदेशी कंपनी में इंवेस्ट किया तब भारत सरकार के नियमों के मुताबिक देश में रह रहे किसी भी भारतीय के लिए विदेशी निवेश करने से पहले भारतीय रिजर्व बैंक से अनुमति लेना अनिवार्य था। हालांकि फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि क्या तब आरबीआई के पास अमिताभ बच्चन के इस निवेश की जानकारी थी या नहीं।

‘पैराडाइज पेपर्स’ में टैक्सचोरी करके विदेश में कालाधन छुपाने के मामलों से जुड़ी फाइलें सामने आई हैं, इसमें भारत समेत कई अन्य देशों की प्रभावशाली हस्तियों के नाम शामिल हैं। ‘पैराडाइज पेपर्स’ नाम के इस खुलासे में कुल 1.34 करोड़ फाइलें सामने आई हैं।
 गौरतलब है कि ‘पैराडाइज पेपर्स’ नाम से हुए इस खुलासे का टीजर पहले ही मीडिया में जारी कर दिया गया था। इससे पहले कि खबर सामने आती अमिताभ बच्चन ने खुद एक लंबा ब्लॉग लिखकर बताया था कि ‘पनामा पेपर्स’ में उनका नाम आने से उन्हें कितनी परेशानी हुई थी।

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