अभी-अभी: राम रहीम का करीबी प्रदीप हुआ गिरफ्तार, पूछताछ में खोला बड़ा राज….

रेप केस में 20 साल की सजा काट रहे राम रहीम को फरार करने के लिए पंचकूला में हिंसा भड़काने के आरोपी प्रकाश उर्फ विक्की, प्रदीप गोयल और विजय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. प्रकाश को पंजाब के मोहाली, प्रदीप को राजस्थान के उदयपुर और विजय को पंचकूला के पिंजौर से गिरफ्तार किया गया है. प्रदीप ने खुलासा किया कि हनीप्रीत नेपाल भाग गई है.अभी-अभी: राम रहीम का करीबी प्रदीप हुआ गिरफ्तार, पूछताछ में खोला बड़ा राज....Entertainment: पीएम मोदी के जन्मदिन पर डीडी ने इस फिल्म को दिखाने का लिया फैसला!

जानकारी के मुताबिक, हरियाणा पुलिस के 10 अफसरों की टीम ने हनीप्रीत सहित कई आरोपियों की तलाश में लगातार पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न शहरों में दबिश दे रही है. इसी कड़ी में पुलिस की एक टीम ने उदयपुर से राम रहीम के करीबी प्रदीप गोयल को धर दबोचा है. राम रहीम की गिरफ्तारी के दिन प्रदीप ने हिंसा भड़काने की साजिश रची थी.

पुलिस का कहना है कि 25 अगस्त को पंचकूला में हिंसा करने के लिए प्रदीप ने ही एक बस में आदिवासी और गरीब लोगों को ले गया था. इसके लिए डेरे की तरफ से उसने हिंसा करने वालों को 25-25 हजार रुपये भी दिए थे. राम रहीम की करीबी हनीप्रीत के बारे में उसका कहना है कि उसे उन लोगों ने नेपाल पहुंचा दिया है. हालांकि, पुलिस उस पर यकीन नहीं कर रही है.

हरियाणा और राजस्थान पुलिस की संयुक्तरू कार्रवाई में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है. प्रदीप की तलाश में पिछले कई दिनों से पुलिस की टीम उदयपुर में डेरा डाले हुई थी. कई होटलों में तलाशी चल रही थी. राम रहीम डेढ़ महीने पहले हनीप्रीत के साथ आकर उदयपुर के मशहूर लीला पैलेस में रुका था. प्रदीप बार-बार ठिकाने बदलता रहता था. 

बताते चलें कि इससे पहले हिंसा में मुख्य भूमिका निभाने वाले दंगा आरोपी गोविंद इंसा को पुलिस ने पंजाब के जीरकपुर से गिरफ्तार किया था. गोविंद ही डेरा समर्थकों की भीड़ को गाइड कर रहा था. 25 अगस्त को पंचकूला के हैफेड चौक पर हुए दंगे में भी शामिल था. उसने कुछ डेरा समर्थकों के साथ एक साजिश रची, जिसे 45 लोगों की एक कमेटी ने अंजाम दिया था.

रेप केस में दोषी ठहराए गए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह 20 साल की जेल की सजा काट रहा है. जिस दिन राम रहीम को कोर्ट ने दोषी करार दिया था, उस दिन हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और यूपी के कुछ हिस्सों में जमकर हिंसा हुई थी. डेरा समर्थकों के उत्पात के बीच करीब 38 लोगों की मौत हो गई थी, तो वहीं सैकड़ों लोग घायल हो गए थे.

2002 में डेरा आश्रम में रहने वाली एक साध्वी ने चिट्ठी के जरिए डेरा प्रमुख पर यौन शोषण का आरोप लगाया था. इस मामले में हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई थी. इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट के आदेश पर साल 2001 में पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई. साल 2007 में सीबीआई द्वारा आरोप पत्र दाखिल करने के बाद कोर्ट ने केस पर सुनवाई शुरू की थी.

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