अभी-अभी: राम रहीम, हनीप्रीत और डेरा सच्चा सौदा को लेकर चल रही जांच में हुआ ये बड़ा खुलासा…

राम रहीम, हनीप्रीत और डेरा सच्चा सौदा को लेकर चल रही जांच में कई ऐसे खुलासे हुए और नए सच सामने आए, जिन्हें जानकर आप सोच में पड़ जाएंगे। अभी-अभी: राम रहीम, हनीप्रीत और डेरा सच्चा सौदा को लेकर चल रही जांच में हुआ ये बड़ा खुलासा...अभी-अभी: राम रहीम, हनीप्रीत और डेरा सच्चा सौदा को लेकर चल रही जांच में हुआ ये बड़ा खुलासा...

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साध्वी रेप केस में राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद हुई हिंसा उनके समर्थकों का गुस्सा नहीं, बल्कि एक पूर्व नियोजित साजिश थी, जिसके लिए पूर्व में योजना बनाकर फंड तक जारी किया गया था। बैठक में ही तय किया गया था की सरकार पर किस तरह से दबाव बनाया जाएगा ताकि डेरामुखी को दोषी करार न दिया जा सके और अगर उनको दोषी करार दिया गया तो उसके बाद क्या किया जाएगा। 

यह खुलासा हरियाणा के डीजीपी क्राइम पीके अग्रवाल ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट को सौंपे अपने हलफनामे में किया है। डीजीपी ने रिपोर्ट में बताया कि तोड़फोड़, हिंसा और आगजनी इन सभी के लिए पहले से टमाटर फोड़ना, झाडू किस तरफ निकालनी है और पौधरोपण जैसे कोड बनाए गए थे ताकि समर्थकों को बताया जा सके की उनको करना क्या है। 

साजिश रचने के लिए हनीप्रीत ने डेरा मुख्यालय में बैठक की थी और अपने पीए राकेश के माध्यम से पंचकूला के चमकौर सिंह  को 1.25 करोड़ रुपये पहुंचाए थे। इसके साथ ही बताया गया कि डा. आदित्य इंसां, पवन इंसां और नवीन को 25 लाख और राम सिंह को 18 लाख रुपये दिए गए थे ताकि भीड़ से अपने अनुरूप काम करवाया जा सके। 

17 अगस्त को ही कर ली गई थी तैयारी
हाईकोर्ट को बताया गया कि पंचकूला के हैफेड चौक पर 17 अगस्त को ही तय कर लिया गया था कि 25 अगस्त को क्या, कैसे और कब करना है। इसकी तैयारी आदित्य इंसां, सुरिंदर धीमान, पवन इंसां, गोबिंद और मोहिंदर ने कर ली थी। जांच के दौरान चमकौर सिंह से 25 लाख बरामद किए गए तथा राकेश से 51 लाख और अथॉरिटी लेटर बरामद हुआ। 

240 एफआईआर, 1413 लोग गिरफ्तार
डेरामुखी को चंडीगढ़ लाते समय वाहनों में इसी योजना के चलते हथियार लाए गए थे, जिनमें 4 एके-47, 159 राउंड्स, 5 पिस्तौल के साथ 102 राउंड्स, 2 राइफल और 2 मैगजीन और गोली बारूद बरामद किया गया है। हाईकोर्ट को बताया गया कि अब तक इस मामले में एसआईटी ने 1413 को गिरफ्तार किया गया है। कुल 240 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें से 177 पंचकूला में दर्ज हुई हैं। पंचकूला में हुई एफआईआर में 1102 गिरफ्तारियां हुई हैं तथा अबतक कुल 200 मामलों को कोर्ट ले जाया जा चुका है। 

डेरा प्रमुख फिल्मों में लगता था मनी लॉंड्रिंग का पैसा
डेरा प्रमुख द्वारा बनाई गई फिल्मों में मनी लॉन्ड्रिंग से जुटाए पैसे लगाए जाते थे। इसके बाद फिल्म रिलीज होने पर खुद ही टिकट खरीद ली जाती थी और अपने समर्थकों को फिल्म दिखाई जाती थी। हाईकोर्ट ने इस मामले को देखते हुए कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के पक्ष की ईडी की बजाय सीबीआई के आर्थिक अपराध शाखा से जांच करवाई जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने इस बारे में अब केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। 

हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान जांच का स्टेटस पेश किया गया। इस दौरान ईडी सहित सभी एजेंसियों ने अपना जवाब सौंपा। हाईकोर्ट ने ईडी के जवाब से असंतुष्टि जताते हुए कहा कि कहा कि यह बेहतर होगा कि इस मामले में सीबीआई आर्थिक अपराध शाखा ही जांच करे। वहीं दूसरी ओर एमिकस क्यूरी अनुपम गुप्ता ने कोर्ट कमिश्नर द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर ही सवाल उठा दिए। गुप्ता ने कहा कि रिपोर्ट में सिवाय दस्तावेजों के और कुछ भी नहीं है।

जांच के दौरान कोर्ट कमिश्नर को जो मिला उन्ही दस्तावेजों को एकत्रित कर उन्होंने रिपोर्ट बनाकर हाईकोर्ट में सौंप दी। जांच अधिकारी ने किसी भी किस्म की कोई टिप्पणी रिपोर्ट में नहीं की है और न ही सभी पहलुओं पर गौर कर मूल्यांकन किया। ऐसे में यह रिपोर्ट न होकर बस दस्तावेजों या कागजों का पुलिंदा है। इस पर हाई कोर्ट ने कोर्ट कमिश्नर से इस रिपोर्ट को दोबारा मूल्यांकन और टिप्पणी के साथ अगली सुनवाई पर पेश किए जाने के आदेश दे दिए हैं।

डिजिटल एविडेंस खोलेंगे डेरे का राज
डेरा सच्चा सौदा की जांच के दौरान वहां से मिली नष्ट की गई पैन ड्राइव, हार्ड डिस्क व अन्य डिजिटल एविडेंस की जानकारी पर कोर्ट ने कहा कि ये डिजिटल एविडेंस डेरे से जुड़े कई राज खोल सकते हैं। इनसे डाटा रिकवर करने का काम तेजी से पूरा किया जाए। इसके साथ ही सीएफएसएल से अगली सुनवाई पर रिपोर्ट मांग ली। 

हाईकोर्ट को बताया गया कि डेरे से कई हार्ड डिस्क बरामद की गई हैं। कई हार्ड डिस्क को जानबूझ कर तोडा गया है। इनका डाटा रिकवर करने के लिए पुलिस ने इन्हें सीएफएसएल भेजा है। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने कहा कि यह एक बेहद ही गंभीर मामला है। अगर इन बर्बाद की गई हार्ड डिस्क का डाटा रिकवर किया जा सकता है तो यह जांच की दशा, दिशा बदल सकती हैं। 

सबूत मिटाने की कोशिश
हाईकोर्ट ने कहा कि हार्ड डिस्क टूटी मिलना यह साफ तौर पर सबूतों को मिटाने की कोशिश है। इस में सिर्फ जांच ही काफी नहीं है, बल्कि इस मामले में दोषी को हिरासत में लिया जाना चाहिए। तोड़ी हुई हार्ड डिस्क, पैन ड्राइव और लैपटाप आदि से डाटा रिकवर हो सकता है या नहीं यह जानकारी अगली सुनवाई पर सीएफएसएल को सौंपनी होगी। 

जांच का दायरा बढ़ाना पड़े तो संकोच नहीं
इस दौरान कोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा कि पंचकूला में इतने बड़े स्तर पर हिंसा हुई। इस मामले में साजिश होने की बात भी सामने आ रही है। कोर्ट को बताया गया था कि राम रहीम के कक्ष की खिड़की गर्ल्स हॉस्टल की तरफ खुलती थी। ऐसे में किन कारणों से इस मामले में दर्ज एफआईआर से राम रहीम को दूर रखा गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और कुछ तथ्य नए भी सामने आ रहे हैं। ऐेसे में जांच का दायरा बढ़ाना पड़े तो संकोच न हो। 
समर्थकों की पहल पर अंबाला में तैयार हुआ था कुर्बानी गैंग
राम रहीम को बचाने के लिए कुर्बानी गैंग तैयार किया गया था। हरियाणा सरकार ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि कुरुक्षेत्र के झांसा निवासी जोगिंदर सिंह व पिपली निवासी संदीप की पहल पर यह गैंग अंबाला में तैयार किया गया था। डेरा प्रमुख के लिए कुर्बानी गैंग तैयार होने की बात पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के सामने रखी गई थी। इस दौरान बताया गया था कि डेरा प्रमुख के लिए खुद को कुर्बान कर देने या आग लगा लेने वाले लोग तैयार किए जा रहे थे।
 इस बारे में हाईकोर्ट में हरियाणा सरकार ने विस्तृत जानकारी पेश की। कोर्ट को बताया गया कि जांच में कुर्बानी गैंग होने की बात सच साबित हुई है। कुर्बानी गैंग अंबाला में बनाया गया था जिसका गठन जोगिन्दर सिंह और संदीप की पहल पर किया गया था। गैंग बड़ा हंगामा करने की तैयारी में था और इसके लिए डेरा समर्थकों से 52 लाख एकत्रित किए गए थे। इस राशि का इस्तेमाल कर विस्फोटक व अन्य आपत्तिजनक वस्तुए खरीदी गई थी।

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