अभी अभी: हुआ बड़ा हादसा, क्लोरीन गैस का फटा स‌िलेंडर, बच्चों की हालत हुई नाजुक…

राजधानी में बृहस्पतिवार की शाम क्लोरीन गैस का रिसाव होने की वजह से हड़कंप मच गया। गैस के प्रभाव से चार पुलिसकर्मी और चार बच्चों की हालत खराब होने पर उन्हें आनन-फानन में दून अस्पताल ले जाया गया। तस्वीरें…अभी अभी: हुआ बड़ा हादसा, क्लोरीन गैस का फटा स‌िलेंडर, बच्चों की हालत हुई नाजुक... #अनुमान: अब अगले साल तक बढ़ेगी महंगाई, और नहीं कम होगी आपकी EMI

जहां, ऑक्सीजन गैस न होने के कारण उन्हें सीएमआई रेफर कर दिया गया। सीएमआई में भी ऑक्सीजन की किल्लत के मद्देनजर चार पुलिसकर्मियों को छोड़कर बाकी को प्राइवेट अस्पताल महंत इंदिरेश में भर्ती कराया गया। 

देर रात तक शहर के अलग-अलग अस्पतालों में गैस के प्रभावितों के भर्ती होने का सिलसिला जारी था। रात करीब दस बजे राजपुर रोड स्थित जल संस्थान में क्लोरीन गैस का रिसाव शुरू हुआ। 

उस वक्त जल संस्थान के बाहर स्थित चौक पर सीपीयू के चार पुलिसकर्मी चेकिंग कर रहे थे। उन्हें बदबू का आभास हुआ तो वह जल संस्थान के भीतर दौड़े। अंदर जाते ही उनका दम घुटने लगा।  

उल्टियां आने लगी। फिर भी उन्होंने बेहोशी की हालत में पहुंच चुके तीन बच्चों को उठा लिया और बाहर की ओर निकल आए। सीपीयू के दारोगा सुनील, दारोगा ललित बोरा, कांस्टेबल विकास सिंह और कांस्टेबल गंभीर सिंह के साथ ही चार बच्चों को दून अस्पताल ले जाया गया। 

जहां से उन्हें ऑक्सीजन न होने पर सीएमआई और फिर ऑक्सीजन की कमी से बच्चों को महंत इंदिरेश अस्पताल भेज दिया गया। खबर लिखे जाने तक कोई जनहानि सामने नहीं आई थी। 

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। एसएसपी निवेदिता कुकरेती, एसपी सिटी प्रदीप राय, सीओ सिटी चंद्रमोहन समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। 

जहां स‌िलेंडर फटा वहां आस पास चार सौ से पांच सौ लोग रहते हैं। जबक‌ि कार्यालय के कैंपस में 50-60 लोग रहते हैं। हालांक‌ि गैस का असर तकरीबन 20-30 मीटर तक हुआ लेक‌िन अगर समय रहते स‌िलेंडर हटाया नहीं जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। 

जानकारी के मुताब‌िक हालात अभी काबु में हैं। लेक‌िन भर्ती मरीजों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। 

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