अभी अभी: होली से पहले पीएम मोदी ने किसानों को दिया शानदार तोहफा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने किसानों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत पंजीकरण से छूट देने का फैसला लिया है। जिससे छोटे होटल, रेस्तरां और ढाबों में खाना सस्ता हो सकता है। वहीं 20 लाख रुपये सालाना तक के कारोबार वाले व्यापारियों को जीएसटी के लिए पंजीकरण नहीं कराना होगा।  एक जुलाई, 2017 से जीएसटी लागू करने की दिशा में जीएसटी काउंसिल ने अहम कदम उठाते हुए 50 लाख रुपए तक के सालाना टर्नओवर वाले छोटे होटलों, रेस्तरां और ढाबों के लिए जीएसटी की दर 5% तय करने को मंजूरी दे दी है।केंद्र सरकार और राज्य सरकार

केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला

अगर आप किसी होटल, रेस्तरां या ढाबे में खाना खाते हैं तो आपको मौजूदा सर्विस टैक्स के हिसाब से आपको मात्र एक तिहाई ही जीएसटी देनी होगी। वहीं होटल, रेस्तरां या ढाबे का मौजूदा सर्विस टैक्स की दर 15% है। शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद ने केंद्रीय जीएसटी के अगुआई में जीएसटी काउंसिल की 11वीं मीटिंग हुई।

 
वहीं कच्चे एवं मध्यवर्ती पर दिये गये कर पर छूट (क्रेडिट) का हिस्सा बनने के लिये स्वेच्छा से इससे जुड़ने का विकल्प चुन सकता है निर्यातकों के संबंध में परिषद ने तय किया है कि 90 प्रतिशत रिफंड दावा का निस्तारण आवेदन देने के सात दिनों के भीतर किया जाएगा। परिषद ने करदाताओं के लिये रिटर्न फाइल करने, कर का भुगतान और अन्य अनुपालन जरूरतों को पूरा करने के लिये राज्यवार एकल पंजीकरण का फैसला किया है।

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