अभी-अभी: 18 लाख उपभोक्ताओं को लगा बड़ा झटका, दिसंबर में समय पर नहीं मिलेगा राशन

हिमाचल के साढ़े अठारह लाख राशनकार्ड उपभोक्ताओं को अगले महीने समय पर सस्ते राशन का कोटा नहीं मिलेगा। इलेक्शन कमीशन से सस्ते राशन कोटे के सप्लाई ऑर्डर खरीद को अनुमति नहीं मिली है। आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के चलते आयोग की अनुमति के बिना खरीद के टेंडर जारी नहीं किए जा सकते।अभी-अभी: 18 लाख उपभोक्ताओं को लगा बड़ा झटका, दिसंबर में समय पर नहीं मिलेगा राशन
अक्तूबर महीने में आयोग को अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजा था। समय पर स्वीकृति न मिलने से खाद्य आपूर्ति निगम के राशन आवंटन की सारी प्रक्रिया रुक गई है। अब विभाग की ओर से इलेक्शन कमीशन को रिमाइंडर भेजा जा रहा है।

खाद्य आपूर्ति निगम ने 7 दालें, तेल, चीनी और नमक के सप्लाई ऑर्डर की अनुमति मांगी है। खाद्य आपूर्ति निगम ने कंपनियों के टेंडर खोले हैं, दालों के रेट तक फाइनल कर दिए हैं। कंपनियों को सप्लाई ऑर्डर जारी होना बाकी है। अब यह इलेक्शन कमीशन पर निर्भर है कि कंपनियों ने ऑर्डर देना है कि नहीं।

केंद्र को छोड़ सभी सस्ते राशन के होने हैं टेंडर

खाद्य आपूर्ति निगम की मानें तो सप्लाई ऑर्डर जारी करने में बहुत देरी हो गई है। कंपनियों को खरीदारी के साथ पैकिंग, हर भंडार तक राशन पहुंचाना है। इसके लिए कम से कम एक महीने का समय लग जाता है।

खाद्य आपूर्ति निगम के अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण कपूर ने बताया कि इलेक्शन कमीशन से टेंडर के सप्लाई ऑर्डर की अनुमति मांगी गई है। समय पर अनुमति न मिलने से राशन आवंटन में देरी होगी।

केंद्र सरकार हिमाचल के राशनकार्ड उपभोक्ताओं को आटा और चावल उपलब्ध कराता है, जबकि 3 पसंद की दालें, 2 लीटर तेल, 600 ग्राम प्रति व्यक्ति चीनी, और 1 किलो नमक प्रदेश सरकार सब्सिडी पर लोगों को उपलब्ध कराती है। इन सभी खाद्य वस्तुओं के सप्लाई आर्डर की अनुमति मांगी गई है।

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