अभी-अभी: BCCI पर भड़कने वाले कोहली को मिला इस दिग्गज का साथ…

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने रविवार को व्यस्त कार्यक्रम के मुद्दे पर कप्तान विराट कोहली का पुरजोर समर्थन किया और कहा कि टीम को दक्षिण अफ्रीका जैसे दौरों के लिए परिस्थितियों के अनुरूप ढलने  की जरूरत है और इसकी तैयारी के लिए समय चाहिए।अभी-अभी: BCCI पर भड़कने वाले कोहली को मिला इस दिग्गज का साथ...विराट कोहली का डबल धमाका, रोहित की सेंचुरी, टीम इंडिया जीत से 9 विकेट दूर

गौरतलब है कि धोनी टेस्ट टीम में नहीं हैं लेकिन साउथ अफ्रीका के आगामी दौरे के लिए वन-डे टीम में होंगे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के तौर पर यह काफी चुनौतीपूर्ण है। धोनी ने कहा, ‘यह बिलकुल सही है क्योंकि हम इतना क्रिकेट खेलते हैं कि हम जब विदेशों में खेलने जाते हैं तो हमें तैयारी के लिए काफी समय नहीं मिलता लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के तौर पर यह एक चुनौती भी है।’

कोहली के बयान के संबंध में सवाल पूछने पर उन्होंने कहा, ‘हालात का आदी होने के लिए कुछ समय की जरूरत होती है, लेकिन यदि आप इस टीम को देखें तो ऐसे कई क्रिकेटर हैं जो विदेश में खेल चुके हैं और इससे काफी मदद मिलती है। अगर उन्हें छह से आठ या 10 दिन मिल जाते हैं तो यह अच्छा होगा लेकिन जो भी समय उन्हें मिलेगा, मुझे लगता है कि वे अच्छा करेंगे।’ 

भारत और पाक के बीच मैच, खेल से ज्यादा मुद्दा बन जाता है
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान जम्मू-कश्मीर के कुंजेर क्रिकेट मैदान पर खेले गए एक मैच के मौके पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। धोनी श्रीनगर की चिनार कोर द्वारा आयोजित चिनार क्रिकेट प्रीमियर लीग के फाइनल्स में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा, ‘इस बार जब टेस्ट टीम साउथ अफ्रीका के लिए रवाना होगी तो उन्हें मैच खेलने से पहले तैयारी के लिए कुछ ही समय मिलेगा। इसके बाद वनडे टीम भी सात से आठ दिन लेने की कोशिश करना चाहेगी क्योंकि वहां की परिस्थितियां अलग होंगी, वहां ज्यादा उछाल होगा।’ 

धोनी से जब पूछा गया कि भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज आयोजित होनी चाहिए तो उन्होंने कहा कि यह फैसला सरकार पर ही छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमों के बीच क्रिकेट मैच की बात आती है तो यह खेल से कहीं अधिक बड़ा मुद्दा बन जाता है।

धोनी ने कहा, ‘जब भारत-पाकिस्तान क्रिकेट की बात आती है तो यह महज खेल नहीं होता क्योंकि यह इससे भी बड़ा बन जाता है। यह आसान फैसला नहीं है लेकिन राजनीतिक फैसला है। उन्होंने कहा, ‘इसलिए यह बड़ा फैसला है और मुझे लगता है कि इस पर फैसला लेने के लिए हमें इसे सरकार पर ही छोड़ देना चाहिए। अगर सरकार फैसला करती है तो हम वहां जाएंगे और खेलेंगे। यदि वे इसके खिलाफ फैसला करते हैं तो हम अन्य सीरीज भी खेलेंगे।’ 

इसे महज क्रिकेट पहलू कहना गलत होगा
धोनी ने कहा कि जब भारतीय क्रिकेट टीम खेलती है तो खेल के अलावा भी कई पहलू जैसे आर्थिक पहलू भी इसमें शामिल होते हैं। उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ क्रिकेट नहीं है और इसे महज क्रिकेट पहलू कहना गलत होगा। यह इससे कहीं अधिक ज्यादा है और इससे अर्थव्यवस्था पर काफी प्रभाव पड़ता है।’

उन्होंने कहा, ‘ऐसा कहा जाता है कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए लेकिन जब बात क्रिकेट की आती है और भारतीय क्रिकेट टीम इसमें शामिल होती है, भले ही यह द्विपक्षीय सीरीज हो या फिर कोई बड़ा टूर्नामेंट। यह महज क्रिकेट नहीं रह जाता क्योंकि जहां भी हम जाते हैं, हम काफी धन की कमाई कराते हैं और आखिर में यह राशि अर्थव्यवस्था में शामिल होती है। 

हाल ही में सुरेश रैना द्वारा किए गए कमेंट्स पर उन्होंने कहा कि वो स्थिति के मुताबिक अपने-आफ को ढ़ाल लेते हैं। धोनी ने कहा, ‘हम भी ड्रेसिंग रूम के भीतर भी खूब एन्जॉय करते हैं। हमलोग बातें करते हैं। कभी पिच लेवल हाई होता है तो कभी लो। कूल का मतलब होता है कि हम सबसे साथ अच्छे से पेश आएं। लोग सोचते हैं कि वह शांत है यदि नहीं तो वह गुस्से में हैं।’

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