अभी-अभी: UN में ट्रंप ने दिया बड़ा बयान, कहा- पड़ोसियों को परमाणु हमले की धमकी दी तो नॉर्थ कोरिया को कर देंगे तबाह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अपने पड़ोसी देशों को परमाणु हथियारों की धमकी दी तो उनका देश उसे तबाह कर सकता है।  ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान ये बात कही।अभी-अभी: UN में ट्रंप ने दिया बड़ा बयान, कहा- पड़ोसियों को परमाणु हमले की धमकी दी तो नॉर्थ कोरिया को कर देंगे तबाहअभी-अभी: भूकंप के झटकों से फिर दहला मेक्सिको, चारो तरफ मचा हड़कंप…

उन्होंने कहा, ‘अमेरिका बहुत धैर्य वाला और ताकतवर मुल्क है लेकिन अगर उसे अपनी अथवा अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए बाध्य होना पड़ा तो हमारे पास उत्तर कोरिया को पूरी तरह तबाह करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।’

ट्रंप ने उत्तर कोरियाई तानाशाह को नया नाम देते हुए कहा, ‘रॉकेटमैन अपने और अपनी सैन्य सत्ता की खातिर आत्मघाती मिशन पर है। अमेरिका ऐसा कर सकता है, वह इसके लिए सक्षम और तैयार है। लेकिन हम आशा करते हैं कि इसकी आवश्यकता नहीं पड़ेगी।’  

ट्रंप ने आतंकवादी समूहों को वित्तीय मदद देने और सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध कराने वाले देशों को बेनकाब करने और जिम्मेदार ठहराने का समय आ गया है। हालांकि ट्रंप ने किसी देश का नाम नहीं लिया लेकिन पाकिस्तान को ‘अराजकता फैलाने वालों’ का समर्थन करने के लिए चेताने के कुछ हफ्तों बाद ट्रंप ने यह बात कही है। 

संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले भाषण में ट्रंप ने कहा, ‘सभी जिम्मेदार देशों को आतंकवादियों और उन्हें प्रभावित करने वाले इस्लामिक कट्टरपंथियों से लड़ने के लिए मिलकर काम करना होगा। हमें कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवाद को रोकना होगा क्योंकि हम इसे अपने देश को, या कहें पूरी दुनिया को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दे सकते।’

उन्होंने कहा, ‘अपनी घिनौनी एवं भयावह विचारधारा’ के लिए आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाहें, ट्रेनिंग, फंडिंग और दूसरी तरह की सहायता देने वाले देशों को इसे बंद करना होगा। अब समय आ गया है कि उन देशों को बेनकाब किया जाए और जिम्मेदार ठहराया जाए, जो अल-कायदा, हिज्बुल्ला, तालिबान व दूसरे आतंकी संगठनों को समर्थन तथा वित्तीय मदद देते हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, अमेरिका और उसके सहयोगी आतंकियों को नष्ट करने और उन सुरक्षित पनाहगाहों को फिर से बनने से रोकने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं, जिनका इस्तेमाल आतंकी हमले करने के लिए किया जाता है। ट्रंप ने आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाहों को बेनकाब करने की बात ऐसे समय में कही जब पाक प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।

डोनाल्ड ट्रंप
अब सुरक्षा एजेंसियां सैन्य अभियान का दायरा तय करेंगी 
अफगानिस्तान और दक्षिण एशिया को लेकर अपनी नई रणनीति का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, यह युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में आतंकियों को परास्त करने के मकसद से तैयार की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘अब से सुरक्षा एजेंसियां सैन्य अभियानों की लंबाई और दायरे को तय करेंगी। ये राजनेताओं द्वारा निर्धारित की गई समय सारिणी और धोखा देने वाले मानदंडों से तय नहीं होगा। मैं तालिबान और दूसरे आतंकी समूहों के साथ हमारी लड़ाई के तौर तरीकों को पूरी तरह से बदल रहा हूं।’

ट्रंप के बयान पाक के लिए चेतावनी क्यों —-
भले ही ट्रंप ने पाक का नाम नहीं लिया लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में आईं उनकी टिप्पणियों से इसे इस्लामाबाद के लिए कड़ी चेतावनी माना जा रहा है। पिछले महीने जब अमेरिका ने अफगानिस्तान और दक्षिण एशिया के लिए अपनी नीति बदलने की बात कही तो इसे उसके लंबे समय से सहयोगी रहे पाकिस्तान के प्रति नजरिए में बदलाव माना गया।

ट्रंप ने कहा था, पाकिस्तान अराजकता फैलाने वालों को सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध कराता है। उन्होंने पाक को आतंकी समूहों को समर्थन देना जारी रखने पर खरी-खोटी सुनाई और चेताया कि अगर इस्लामाबाद ने ऐसा करना बंद नहीं किया तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने गत माह 21 अगस्त को कहा था, हम पाक द्वारा आतंकी समूहों, तालिबान और दूसरे गुटों को उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षित पनाहगाह पर चुप नहीं बैठ सकते, क्योंकि ये सभी इस क्षेत्र और दूसरी जगहों के लिए खतरा हैं। 

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