अभी-अभी: US के टेक्सास यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई फायरिंग, 1 पुलिस अफसर की मौत

अमेरिका के टैक्सास यूनिवर्सिटी के पुलिस विभाग में फायरिंग की खबर आ रही है. इस वारदात में एक पुलिस अफसर की मौत हो गई है. हमले के बाद टैक्सास यूनिवर्सिटी कैंपस को बंद कर दिया गया था.हालांकि काफी मशक्कत के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया है. अभी-अभी: US के टेक्सास यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई फायरिंग, 1 पुलिस अफसर की मौत

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आपको बता दें कि खबर आ रही है कि एक स्टूडेंट को वेलफेयर चेक के लिए पुलिस विभाग के अंदर ले जाया गया था. आरोप है कि पुलिस विभाग में अंदर आते ही स्टूडेंट ने पिस्टल निकालकर पुलिस अफसर पर हमला कर दिया. सूत्रों के अनुसार शूटर कैंपस में ही छिपा था.

पुलिस ने स्टूडेंट्स, प्रोफेसर, फैकल्टी और स्टाफ को शेल्टर लेने को कहा गया है. अभी तक पुलिस ने हमलावर का विवरण नहीं जारी किया है. यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता क्रिस कुक के मुताबिक कैंपस पुलिस ने सोमवार शाम को चेकिंग की थी, जिसमें कुछ स्टूडेंट्स के कमरे से ड्रग्स मिले थे. 

कुक ने बताया कि ड्रग्स रखने के आरोप में हमला करने वाले स्टूडेंट को सामान्य प्रक्रिया के तहत कैंपस पुलिस स्टेशन लाया गया. इस दौरान आरोपी ने बंदूक निकाली और एक अफसर पर गोली चला दी. इसके बाद आरोपी फरार हो गया और काफी मशक्कत के बाद पकड़ में आया.

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही अमेरिका के लास वेगास में एक संगीत समारोह के दौरान एक व्यक्ति द्वारा की गई गोलीबारी में कम से कम 59 लोगों की मौत हो गई थी और 500 से अधिक लोग घायल हो गए थे. हाल के दिनों में अमेरिकी इतिहास में यह अब तक गोलीबारी की सबसे घातक घटना थी. 

पुलिस ने कहा था कि बंदूकधारी की पहचान 64 वर्षीय स्टीफन पैडॉक के तौर पर हुई थी. स्वैट टीम ने उसे मार गिराया था. हमलावर ने एक संगीत समारोह स्थल के बगल में मैंडले बे की 32वीं मंजिल से गोलीबारी की थी. वहीं आतंकी संगठन आईएसआईएस ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. ISIS का दावा है कि स्टीफन पैडॉक ने हाल ही में इस्लाम कुबूल किया था. इसके अलावा पता चला है कि स्टीफन पैडॉक जुआ खेलने का शौकीन था, कई बार ट्रैफिक नियम तोड़ने के आरोप में पकड़ा भी गया था.

गन रखने पर नहीं है कोई प्रतिबंध

अमेरिका में हर नागरिक का अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक रखना एक मौलिक और संवैधानिक अधिकार है. यह अधिकार बहुत पुराना है, जिसमें दो-एक अवसरों को छोड़कर कोई बड़ा संशोधन नहीं हुआ है. लास वेगास की घटना के बाद अमेरिकी समाज में एक बार फि‍र से गन कंट्रोल को लेकर एक बहस छिड़ गई थी. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के स्टडी के मुताबिक अमेरिका में करीब 27 करोड़ बंदूक हैं.

यह संख्या पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में डाले गए कुल वोटों से भी ज्यादा है. ये हथियार देश की 30 फीसदी युवा आबादी के पास हैं. वहीं लास वेगास की घटना के बाद भी ट्रंप ने गन कंट्रोल पर कुछ नहीं बोला था. ट्रंप गन कंट्रोल कानूनों पर बात करने से बचते दिखे थे. उन्होंने कहा था, ‘हम इस बारे में आज बात नहीं करेंगे.’

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