अभी भी चल रहा है Jio प्राइम, जल्दी करवायें रीचार्ज

अगर आपने अभी तक जियो प्राइम की सदस्यता नहीं ली है, तो जल्दी कीजिये कहीं समय हाथ से न निकल जाये। दरअसल, ट्राई द्वारा ‘समर सरप्राइज ऑफर’ पर भले ही रोक लगाने का आदेश दे दिया गया है,

खुशखबरी: JIO समर सरप्राइज ऑफर नहीं हुआ बंद, अभी भी हो रहा रिचार्ज, ये रहा सबूत

लेकिन कंपनी का यह ऑफर अभी भी चल रहा है।जियो का कहना है कि किसी भी ऑफर को तुरंत बंद नहीं जा सकता। इसमें करीब हफ्ता भर लग सकता है। आपको बता दें कि ट्राई के आदेश के बाद भी जियो ने इस पर तत्काल प्रभाव से रोक नहीं लगाई है। जियो की वेबसाइट www.jio.com के पेज पर जाते ही एक नोटिफिकेशन दिखता है।

इसमें कहा गया है कि अगले कुछ दिनों में समर सरप्राइज ऑफर बंद हो जाएगा, लेकिन तब तक इसे सबस्क्राइब कर लेने वालों को सभी सुविधाएं मिलेंगी। यही नहीं कंपनी ने इस ऑफर को बंद किए जाने की तारीख भी घोषित नहीं की है। इस बीच एक्सपर्ट्स ने ट्राई पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि उसने जियो के ऑफर पर तत्काल रोक का आदेश क्यों नहीं दिया।

जियो की वेबसाइट ने लिखा, ‘ट्राई ने 3 महीने के समर सरप्राइज ऑफर को वापस लेने की सलाह दी है। अगले कुछ दिनों में इस ऑफर को वापस ले लिया जाएगा, तब तक इसकी सबस्क्रिप्शन लेने वालों को इस ऑफर के तहत सभी सुविधाएं मिलती रहेंगी।’ बता दें किजियो ने समर सरप्राइज ऑफर का ऐलान 31 मार्च को किया था। ऑफर के तहत, इस पर 15 अप्रैल से पहले पंजीकरण करने और 303 रुपए का रिचार्ज कराने वाले ग्रहकों को अगले तीन महीनों के लिए कंपनी ने वॉइस कॉलिंग और इंटरनेट सुविधाएं मुफ्त देने की बात कही थी।

इससे पहले जियो ने सितंबर 2016 में अपनी लॉन्चिंग के वक्त 31 जनवरी तक फ्री वॉइस कॉलिंग, कॉलिंग और फ्री डेटा का ऑफर दिया था। इसके बाद कंपनी ने इस प्लान को 31 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया था। इसके बाद कंपनी ने समर सरप्राइज ऑफर पेश किया था, जिस पर ट्राई ने जियो की ओर से संतोषजनक जवाब न मिलने पर गुरुवार को रोक लगाने का आदेश दिया था।

इस बीच टेलिकॉम रेग्युलेटरी एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्राई ने जियो के ऑफर को तत्काल प्रभाव से बंद किए जाने का आदेश क्यों नहीं दिया। एक अखबार से बातचीत में कहा, ‘ट्राई ऐक्ट में सलाह दिए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। अथॉरिटी के पास आदेश जारी करने, कानूनी आदेश पारित करने और टैरिफ ऑर्डर देने का अधिकार है। लेकिन संस्था की ओर से जियो को लेकर ऐसा कोई आदेश नहीं पारित किया गया है।’ 

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