अमरनाथ यात्रा के दौरान देखना न भूलें ये खूबसूरत जगहें

हर साल भक्तगण अमरनाथ की यात्रा के लिए लाखों की संख्या में जाते हैं. अमरनाथ की गुफा में मौजूद शिवलिंग का दर्शन करने के लिए भारी मात्रा में भक्त पहुंचते हैं. इस पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए 14000 फीट की ऊंचाई चढ़नी पड़ती है. अगर आप भी अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं तो आज हम आपको वहां पर मौजूद कुछ ऐसी खूबसूरत जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें देखकर आपके घूमने का मजा दोगुना हो जायेगा. हर साल भक्तगण अमरनाथ की यात्रा के लिए लाखों की संख्या में जाते हैं. अमरनाथ की गुफा में मौजूद शिवलिंग का दर्शन करने के लिए भारी मात्रा में भक्त पहुंचते हैं. इस पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए 14000 फीट की ऊंचाई चढ़नी पड़ती है. अगर आप भी अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं तो आज हम आपको वहां पर मौजूद कुछ ऐसी खूबसूरत जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें देखकर आपके घूमने का मजा दोगुना हो जायेगा.     आप यहां पर शिवलिंग के दर्शन करने के साथ-साथ चंदन बाड़ी गांव में घूम सकते हैं. चंदन बाड़ी गांव अमरनाथ यात्रा के दूसरे पड़ाव यानी पहलगाम के बाद आता है. ऐसा माना जाता है कि जब भगवान शिव माता पार्वती को अमर कथा सुनाने के लिए ले जा रहे थे तो उन्होंने अपनी सभी चीजों का त्याग कर दिया था. चंदनबाड़ी गांव में शिव जी ने चंद्रमा का त्याग किया था. शिवजी के जाने के बाद चंद्रमा इसी गांव में शिवजी के लौटने का इंतजार करते रहे थे.   अमरनाथ की यात्रा के दौरान आपको एक पर्वत मिलेगा जिसे पिस्सू टॉप भी कहा जाता है. ऐसा माना जाता है कि अमर कथा को सुनने के लिए राक्षसों ने शिवजी पर हमला कर दिया था. राक्षसों और देवताओं के बीच भारी युद्ध हुआ था. इस युद्ध में देवताओं ने राक्षसों को मार कर उनका पहाड़ बना दिया था.     शेषनाग एक ऐसी जगह है जहां पर शिवजी ने शेषनाग का त्याग किया था. इस पर्वत को शेषनाग के नाम से जाना जाता है. यह देखने में बिल्कुल शेषनाग की तरह लगता है. शेषनाग पर्वत पर एक खूबसूरत पानी की झील भी मौजूद है. जिसका पानी शीशे की तरह साफ और चमकदार है.

आप यहां पर शिवलिंग के दर्शन करने के साथ-साथ चंदन बाड़ी गांव में घूम सकते हैं. चंदन बाड़ी गांव अमरनाथ यात्रा के दूसरे पड़ाव यानी पहलगाम के बाद आता है. ऐसा माना जाता है कि जब भगवान शिव माता पार्वती को अमर कथा सुनाने के लिए ले जा रहे थे तो उन्होंने अपनी सभी चीजों का त्याग कर दिया था. चंदनबाड़ी गांव में शिव जी ने चंद्रमा का त्याग किया था. शिवजी के जाने के बाद चंद्रमा इसी गांव में शिवजी के लौटने का इंतजार करते रहे थे. 

अमरनाथ की यात्रा के दौरान आपको एक पर्वत मिलेगा जिसे पिस्सू टॉप भी कहा जाता है. ऐसा माना जाता है कि अमर कथा को सुनने के लिए राक्षसों ने शिवजी पर हमला कर दिया था. राक्षसों और देवताओं के बीच भारी युद्ध हुआ था. इस युद्ध में देवताओं ने राक्षसों को मार कर उनका पहाड़ बना दिया था. 

शेषनाग एक ऐसी जगह है जहां पर शिवजी ने शेषनाग का त्याग किया था. इस पर्वत को शेषनाग के नाम से जाना जाता है. यह देखने में बिल्कुल शेषनाग की तरह लगता है. शेषनाग पर्वत पर एक खूबसूरत पानी की झील भी मौजूद है. जिसका पानी शीशे की तरह साफ और चमकदार है.

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