अमरनाथ यात्रा पर खराब मौसम का ब्रेक, आज पूरी तरह रोकी गई

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसके बाद एहतियातन आज अमरनाथ यात्रा पूरी तरह से रोक दी गई है. खराब मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं को जम्मू कैंप पर ही रोका गया है.जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसके बाद एहतियातन आज अमरनाथ यात्रा पूरी तरह से रोक दी गई है. खराब मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं को जम्मू कैंप पर ही रोका गया है.  अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों पर भूस्खलन की वजह से काली माता ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है जिसकी वजह से बालटाल मार्ग से अमरनाथ यात्रा को रोकना पड़ा है.  28 जून को यात्रा के पहले दिन से ही बारिश हो रही है. जिससे लगातार तीसरे दिन अमरनाथ यात्रा पर खराब मौसम ने ब्रेक लगा दिया है. सड़कों की हालत इतनी खराब है कि बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से यात्रा रोक दी गई है.  पवित्र गुफा के रास्ते में करीब 100 मीटर का ट्रैक बारिश में बह गया है. इसके अलावा छोटे-छोटे पुल भी तेज धार में बह गए हैं. इससे पहले खराब मौसम ने अमरनाथ यात्रा के पहले दिन ही भारी व्यवधान पैदा किया, जिसकेचलते केवल 1,007 श्रद्धालु ही गुफा मंदिर में बर्फ से बने शिवलिंग के दर्शन कर पाए.  वहीं, मौसम विभाग ने अभी मौसम खुलने का अनुमान नहीं जताया है. खराब मौसम और आतंकी खतरे के बावजूद श्रद्धालुओं का हौसला डिगा नहीं है. 60 दिन की इस यात्रा के लिए अभी तक दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है. इस यात्रा का समापन 26 अगस्त को होगा. 'रक्षाबंधन' का त्योहार भी इसी दिन पड़ रहा है.

अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों पर भूस्खलन की वजह से काली माता ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है जिसकी वजह से बालटाल मार्ग से अमरनाथ यात्रा को रोकना पड़ा है.

28 जून को यात्रा के पहले दिन से ही बारिश हो रही है. जिससे लगातार तीसरे दिन अमरनाथ यात्रा पर खराब मौसम ने ब्रेक लगा दिया है. सड़कों की हालत इतनी खराब है कि बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से यात्रा रोक दी गई है.

पवित्र गुफा के रास्ते में करीब 100 मीटर का ट्रैक बारिश में बह गया है. इसके अलावा छोटे-छोटे पुल भी तेज धार में बह गए हैं. इससे पहले खराब मौसम ने अमरनाथ यात्रा के पहले दिन ही भारी व्यवधान पैदा किया, जिसकेचलते केवल 1,007 श्रद्धालु ही गुफा मंदिर में बर्फ से बने शिवलिंग के दर्शन कर पाए.

वहीं, मौसम विभाग ने अभी मौसम खुलने का अनुमान नहीं जताया है. खराब मौसम और आतंकी खतरे के बावजूद श्रद्धालुओं का हौसला डिगा नहीं है. 60 दिन की इस यात्रा के लिए अभी तक दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है. इस यात्रा का समापन 26 अगस्त को होगा. ‘रक्षाबंधन’ का त्योहार भी इसी दिन पड़ रहा है.

You May Also Like

English News