अमेरका ने किया तालिबान से चुनाव लड़ने का आग्रह

 आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्यवाहियां करके आतंकी सरगनाओं की सम्पति जब्त करने और उनके अमेरिका आने पर रोक लगाने वाले अमेरिका ने आतंकी संगठन तालिबान से चुनाव में हिस्सा लेने का आग्रह करके सबको चौंका दिया है. अमेरका ने कहा है कि तालिबान अपने विदेशी ठिकानों को छोड़ वापस अफ़ग़ानिस्तान आए और चुनाव में हिस्सा ले.वाशिंगटन: आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्यवाहियां करके आतंकी सरगनाओं की सम्पति जब्त करने और उनके अमेरिका आने पर रोक लगाने वाले अमेरिका ने आतंकी संगठन तालिबान से चुनाव में हिस्सा लेने का आग्रह करके सबको चौंका दिया है. अमेरका ने कहा है कि तालिबान अपने विदेशी ठिकानों को छोड़ वापस अफ़ग़ानिस्तान आए और चुनाव में हिस्सा ले.  अमेरिका के कार्यवाहक विदेश मंत्री जॉन सुलिवन ने कहा कि जैसा की राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा था कि तालिबान को अपनी गोलियां और बमों को छोड़कर वोटों को हथियार बनाना चाहिए. उन्हें चुनावों में शामिल होना चाहिए, उन्हें वोट देना चाहिए. उन्होंने कहा कि तालिबान को वापस आकर अफ़ग़ानिस्तान के विकास कार्यों में हिस्सा लेना चाहिए.  सुलिवन ने कहा है कि तालिबान ने युद्ध से ग्रस्त देश अफ़ग़ानिस्तान में नए सिरे से हमला करने की धमकी दी है, इस पर अमेरिका का कहना है की तालिबान की ओर से नये सिरे से हमलों की कोई आवश्यकता नहीं है, उसे वापिस आकर अपने देश अफ़ग़ानिस्तान की तरक्की में सहयोग करना चाहिए. आपको बता दें कि तालिबान, अफ़ग़ानिस्तान में आतंक फ़ैलाने वाला सबसे बड़ा आतंकी संगठन है, अगर तालिबान वहां चुनाव लड़कर सत्ता में आता है तो अफ़ग़ानिस्तान के हालत और बदतर हो सकते हैं, पर ये सब जानते हुए भी अमेरिका का यह आग्रह चौंका देने वाला है.

अमेरिका के कार्यवाहक विदेश मंत्री जॉन सुलिवन ने कहा कि जैसा की राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा था कि तालिबान को अपनी गोलियां और बमों को छोड़कर वोटों को हथियार बनाना चाहिए. उन्हें चुनावों में शामिल होना चाहिए, उन्हें वोट देना चाहिए. उन्होंने कहा कि तालिबान को वापस आकर अफ़ग़ानिस्तान के विकास कार्यों में हिस्सा लेना चाहिए.

सुलिवन ने कहा है कि तालिबान ने युद्ध से ग्रस्त देश अफ़ग़ानिस्तान में नए सिरे से हमला करने की धमकी दी है, इस पर अमेरिका का कहना है की तालिबान की ओर से नये सिरे से हमलों की कोई आवश्यकता नहीं है, उसे वापिस आकर अपने देश अफ़ग़ानिस्तान की तरक्की में सहयोग करना चाहिए. आपको बता दें कि तालिबान, अफ़ग़ानिस्तान में आतंक फ़ैलाने वाला सबसे बड़ा आतंकी संगठन है, अगर तालिबान वहां चुनाव लड़कर सत्ता में आता है तो अफ़ग़ानिस्तान के हालत और बदतर हो सकते हैं, पर ये सब जानते हुए भी अमेरिका का यह आग्रह चौंका देने वाला है. 

You May Also Like

English News