अमेरिका में 32 साल बाद नैपकिन की मदद से पकड़ा गया दुष्कर्म और हत्या का अपराधी

नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के एक मामले में बेकार मानकर अलग रख दिए गए नैपकिन की मदद से 32 साल बाद अपराधी को धर दबोचा गया। पीयर्स काउंटी के अभियोजक ने 1986 में 12 साल की बच्ची के साथ हुई वारदात के मामले में गैरी चार्ल्स हर्टमैन (66) पर फर्स्ट डिग्री हत्या और दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं।

 

पुलिस के मुताबिक, मिशेला वेल्च और उसकी दो छोटी बहनें 26 मार्च, 1986 को वाशिंगटन में टकोमा के पगेट पार्क गई थीं। सुबह करीब 11 बजे मिशेला खाना लाने के लिए गई। इस दौरान दोनों छोटी बहनें वाशरूम गई थीं। लौटकर आने पर उन्हें मिशेला नहीं दिखी तो दोनों खेलने लगीं। थोड़ी देर बाद उन्होंने देखा कि पिकनिक की जगह पर खाना और साइकिल तो है, लेकिन मिशेला नहीं है। उन्होंने बेबी सिटर को इस बारे में बताया। बेबी सिटर ने तुरंत उनकी मां को इसकी जानकारी दी। 

इसके बाद पुलिस ने खोजी कुत्तों की मदद से मिशेला को ढूंढना शुरू किया। उसी रात एक सुनसान घाटी में मिशेला का शव मिला। टकोमा पुलिस के प्रमुख डॉन रैम्सडेल ने बताया कि मिशेला की दुष्कर्म के बाद हत्या की गई थी। पुलिस ने सबूत जुटाए, लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया। पुलिस ने सबूतों से एक पुरुष डीएनए प्रोफाइल तैयार किया, लेकिन प्रांत और राष्ट्रीय डेटाबेस में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिला। 

2016 में पुलिस ने नई तकनीक के साथ मामले की दोबारा जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध मानते हुए दो भाइयों की पड़ताल और निगरानी शुरू कर दी। इसी दौरान डिटेक्टिव स्टीव रियोपेल हर्टमैन का पीछा करते हुए एक रेस्टोरेंट पहुंचे। रियोपेल ने बताया कि हर्टमैन के रेस्टोरेंट के जाने बाद उन्होंने उसकी इस्तेमाल की गई नैपकिन वाशिंगटन स्टेट पैट्रोल क्राइम लैब को भेज दीं। 

मंगलवार को लैब ने पुलिस को बताया कि रेस्टोरेंट से लिए गए नैपकिन और वारदात की जगह से जुटाए गए नेपकिन पर मौजूद डीएनए एक ही व्यक्ति के हैं। इसके बाद पुलिस ने नाकाबंदी कर हर्टमैन को हिरासत में ले लिया।

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