‘अर्थव्यवस्था की सेहत’ पर यशवंत को जेटली का जवाब, रखे ये 10 तथ्य…

अर्थव्यवस्था की मौजूदा हालत के लिए मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा करने वाले पूर्व वित्तमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा पर वित्त मंत्री जेटली ने जवाबी हमला बोला. जेटली ने सिन्हा को 80 साल की उम्र में नौकरी चाहने वाला करार देते हुए कहा कि वह वित्त मंत्री के रूप में अपने रिकॉर्ड को भूल गए हैं. 10 प्वाइंट में पढ़िए जेटली के जवाबी हमले –'अर्थव्यवस्था की सेहत' पर यशवंत को जेटली का जवाब, रखे ये 10 तथ्य...अभी-अभी: द‌िल्ली सरकार ने मेट्रो किराया बढ़ाने पर लगाई रोक…

1. जेटली ने कहा कि देश में विदेशी निवेश लगातार बढ़ रहा है और यह अब तक का सबसे ज्यादा है. बता दूं कि जेंटलमैन जब वित्तमंत्री थे तो हमारे पास सिर्फ चार दिनों का विदेशी मुद्रा भंडार था. जोकि अब 4 बिलियन डॉलर हो गया है.

2. यशवंत सिन्हा और कांग्रेस नेता चिदंबरम पर हमला बोलते हुए जेटली ने कहा कि लोग जीएसटी और नोटबंदी की आलोचना कर रहे हैं कि इसे जल्दबाजी में लागू किया गया. कभी हमारे यहां ऐसी स्थितियां थी कि सरकार के फैसलों की वजह से भ्रष्टाचार होता था, पॉलिसी पैरालिसिस बनती. अब लोग फैसलों की आलोचना कर रहे हैं.

3. जेटली ने कहा कि हमने 9 प्रतिशत की खाद्य महंगाई भी देखी है. अब हम 3.36 प्रतिशत की महंगाई दर पर बहस देख रहे हैं. राजीव गांधी के समय से बेनामी संपत्ति कानून पर फैसला अटका रहा. जीएसटी लागू होने के बाद हमने शेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है.

4. वित्त मंत्री ने कहा कि शुरू के दो महीनों में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के संग्रह ने लक्ष्य को पूरा किया है और राजस्व में और वृद्धि देखने को मिलेगी. ‘इंडिया@70 मोदी@3.5′ पुस्तक विमोचन के मौके पर जेटलीने कहा, ‘हमने अभी दूसरा महीना पूरा किया है. अगस्त महीने में कुल जीएसटी 90,669 करोड़ रूपया पहुंच गया.’ वित्त मंत्री ने कहा कि कर बंटवारा फार्मूले के मुताबिक केंद्र राज्यों को राजस्व नुकसान का मुआवजा 2015-16 को आधार वर्ष मानते हुए देगा.

5. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर प्रधानमंत्री एक नया बेंचमार्क कायम करना चाहते हैं. हमने ऐसा किया है. मॉरीशस के साथ संधि को दोबारा बातचीत कर हमने सुधारा है. नोटबंदी हुई है. जो लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं, यह उनका एजेंडा है. वित्तमंत्री ने कहा कि जीएसटी को लेकर सभी को समय चाहिए था. जीएसटी काउंसिल की 21 बैठकों में कभी वोट के आधार पर फैसला नहीं हुआ. जिन लोगों ने पॉलिसी पैरालिसिस की ओर धकेला, वे हमें रोकना चाहते हैं. 

6. जेटली ने कहा कि चिदंबरम को मेरा रिकॉर्ड तोड़ने के लिए दोबारा जन्म लेना होगा. एक ऐसा अयोग्य ‘डॉक्टर’ जो राजकोषीय घाटे को ठीक करने में नाकाम रहा. मैं उन्हें अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारने का आरोपी मानता हूं. 1999 में बोफोर्स को लेकर विवाद हुआ, मैंने आवाज उठाई. आडवाणी जी ने मुझे बधाई दी और मेरे हाथ पकड़ लिए. उन्होंने कहा कि जब संसद में बोलो, तो मुद्दों पर बोलो, व्यक्तियों पर नहीं.

7. वित्तमंत्री ने कहा कि डायरेक्ट टैक्स अब तक 15.7 प्रतिशत रहा है. इस साल पीएसयू का पूंजीगत व्यय 3 लाख रहा है. विदेश निवेश सबसे ज्यादा रहा है. हमारे पास 4 बिलियन डॉलर का विदेशी मुद्दा भंडार है. 2014 में यह 4 मिलियन डॉलर था.

8. पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा पर सीधा हमला बोलते हुए जेटली ने कहा कि 1998 से 2002 के बीच बैंकों का एनपीए 12-14 प्रतिशत था. उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि उन्हें याद होगा. 2002 का साल अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बेकार था. तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को मजबूरन वित्तमंत्री को हटाना पड़ा. मुझे खुशी है कि उनके पास आडवाणी जो सलाह देने के लिए नहीं रिजर्व बैंक ने रेट नहीं घटाए. नोटबंदी के बाद थोड़े समय के लिए अर्थव्यवस्था में धीमापन आया, लेकिन लंबे समय में यह फायदा देगा.

9. उन्होंने कहा कि निजी आयकर का आधार बढ़ा है. 2003-2008 के बीच निजी सेक्टर बढ़ा है. उन्होंने बैंक से कर्ज लिए और मंदी के बाद लोन भरना संभव नहीं हो पाया. 2014 तक केंद्र सरकार ने इस बारे में कुछ नहीं किया. अब जब सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं, तो शिकायतें हो रही हैं.

10. जेटली ने कहा कि 70 साल बाद भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनने की ओर है. हर योजना गरीब के लिए है. गरीबों का जीवन स्तर बदलने की कोशिश हो रही है. सड़क, बिजली और गांवों के लिए है. आवास, बीमा, शौचालय, बैंक और एलपीजी की योजनाएं गरीबों के लिए चलाई जा रही हैं.

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