असल जिंदगी में कुछ ऐसे थे अर्जुन कपूर और श्रीदेवी के रिश्ते, निधन के बाद बदल गया सब कुछ

शनिवार देर रात दुबई में अंतिम सांस, मंगलवार शाम को पार्थिव शरीर का भारत लौटना और बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो जाना, चार-पांच दिनों में कपूर परिवार के लिए सब कुछ बदल गया, वो भी हमेशा के लिए। आने वाला वक्त कभी भी पहले जैसा नहीं होगा। असल जिंदगी में कुछ ऐसे थे अर्जुन कपूर और श्रीदेवी के रिश्ते, निधन के बाद बदल गया सब कुछ

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जाहिर है, ये पल श्रीदेवी के पति बोनी कपूर और उनकी बेटियों जाह्नवी और खुशी के लिए बेहद मुश्किल हैं लेकिन श्रीदेवी के निधन से उनके अंतिम संस्कार तक जिस एक शख्स की खास चर्चा हो रही है, वो हैं बोनी कपूर के बेटे अर्जुन कपूर।

अर्जुन, बोनी की पहली पत्नी मोना शौरी कपूर से बेटे हैं और श्रीदेवी उनकी सौतेली मां हैं। अतीत में ऐसी खबरें आती रही हैं कि श्रीदेवी से उनके रिश्ते अच्छे नहीं थे और इसके कारण भी समझे जा सकते हैं।

बोनी की पहली पत्नी कौन?

बोनी कपूर ने साल 1983 में मोना से शादी की थी। साल 1985 में अर्जुन कपूर का जन्म हुआ और साल 1987 में उनकी बहन अंशुला का लेकिन कुछ साल बाद बोनी और श्रीदेवी इतने करीब आ गए कि दोनों ने साल 1996 में शादी कर ली।

याहू के मुताबिक ये सभी जानते हैं कि सौतेली मां श्रीदेवी के साथ अर्जुन से कैसे रिश्ते रहे, लेकिन हाल में उन्होंने अपनी सौतेली बहनों जाह्नवी और खुशी कपूर के साथ रिश्ते के बारे में चुप्पी तोड़ी थी।

जब हाल में उनसे पूछा गया था कि इन दोनों के साथ रिश्ते कैसे हैं तो उन्होंने साफ किया कि कोई रिश्ते नहीं हैं। वो पहले श्रीदेवी के बारे में ये कह चुके हैं कि वो उनके पिता बोनी कपूर की पत्नी हैं, उनकी मां नहीं। 

जाह्नवी के बारे में क्या कहा था?

सौतेली बहनों से रिश्तों के बारे में उन्होंने कहा था, ‘हम आम तौर पर मिलते नहीं हैं और साथ में वक्त नहीं गुजारते, ऐसे में कोई रिश्ता है ही नहीं।’

लेकिन श्रीदेवी के निधन के वक़्त अर्जुन कपूर जिस तरह से अपने पिता और सौतेली बहनों के साथ खड़े रहे, वो काबिल-ए-तारीफ़ है और बोनी ने उनकी तारीफ करने में जरा देर नहीं लगाई।

श्रीदेवी के अंतिम संस्कार के बाद जारी बयान ने बोनी ने इस बात का खास जिक्र किया। उन्होंने लिखा, ‘मैं अपने परिवार, दोस्तों, सहयोगियों और श्रीदेवी के फैंस का धन्यवाद अदा करता हूं जो मेरे साथ खड़े हैं।’

‘मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझे अर्जुन और अंशुला का साथ और प्यार मिला, जो मेरे, खुशी और जाह्नवी के लिए मजबूती के स्तंभ रहे हैं। हमने एक साथ बतौर एक परिवार इस असहनीय घटना को झेलने की कोशिश की है।’

अर्जुन और अंशुला दुख की इस घड़ी में वाक़ई हर पल अपने पिता के साथ खड़े नजर आए। जब श्रीदेवी का निधन हुआ तो बोनी दुबई में मौजूद थे, लेकिन अर्जुन कपूर लुधियाना में थे जहां उनकी एक फिल्म की शूटिंग चल रही थी।

इस बात की जानकारी मिलते ही वो लुधियाना से दुबई रवाना हुए और उसके बाद लगातार बोनी के साथ नजर आए। इसके अलावा अंशुला, बोनी के दुबई से मुंबई लौटने के बाद लगातार अपने परिवार के साथ रहीं।

और सोशल मीडिया में भी अर्जुन कपूर के इस व्यवहार की काफी तारीफ हो रही है। सौम्या ने लिखा, ‘जिस तरह से आपने पिछले चार दिन में हालात को संभाला, उसे देखकर गर्व हुआ। आप अपने पिता और सौतेली बहनों के साथ लगातार खड़े रहे।’

@highonchai_ हैंडल से लिखा गया, ‘अर्जुन कपूर को लेकर फक्र महसूस हो रहा है। श्रीदेवी के साथ बेहद ठंडे रिश्ते होने के बावजूद जिस तरह उन्होंने कपूर परिवार का साथ दिया, मदद की और संवेदनशील हालात को संभाला, वो गजब है।’

एक और ट्विटर यूज़र ने लिखा, ‘खास तौर से जिस तरह वो अपनी फ़िल्म की शूटिंग छोड़कर बोनी कपूर की मदद करने गए ताकि दुबई पुलिस से श्रीदेवी का शव हासिल किया जा सके और उन्होंने जाह्नवी, खुशी के बड़े भाई का रिश्ता भी बखूबी निभाया।’

 
पहले आलोचना भी हुई थी

श्रीदेवी के निधन के बाद अर्जुन कपूर ने कोई ट्वीट नहीं किया था, न ही कोई बयान दिया था।इस बात को लेकर कुछ लोग चर्चा कर रहे थे लेकिन बाद में जिस तरह उन्होंने हालात संभाले, सारे सवाल खुद ही खत्म हो गए।

@altunia_razia ने लिखा, ‘क्योंकि अर्जुन कपूर ने सोशल मीडिया पर RIP लिखकर श्रीदेवी की कोई तस्वीर नहीं डाली और मीडिया के सामने कोई बयान नहीं दिया, तो सभी उन पर हमला नहीं कर सके।’

‘लेकिन ये देखिए कि आज उन्होंने क्या-क्या किया, अपने पिता और बहनों के साथ खड़े रहे। आप बहुत अच्छे हो अर्जुन।’

जब खुलकर बोले थे अर्जुन

दरअसल, श्रीदेवी के निधन पर अर्जुन के व्यवहार की इतनी तारीफ हो रही है तो इसलिए कि अतीत में दोनों के संबंध हमेशा सवालों के घेरे में रहे हैं।

जी कैफे को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर इस पर अपनी राय रखी।

जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका बचपन गुस्से से भरा रहा है, उन्होंने जवाब दिया, ‘मुझे विश्वास है कि मैं काफी गुस्से से गुजरा होऊंगा, लेकिन आखिरकार आप समझ लेते हैं। आपके पिता जो फैसला करते हैं, उसमें आप कुछ नहीं कर सकते। इससे ये तय नहीं हो सकता कि आप कैसे इंसान बनते हैं।’

ये आपके सफर का हिस्सा हो सकता है, लेकिन पूरा सफर नहीं। मेरे पिता ने ऐसा किया, इसलिए मेरे सारे फैसले इसी पर निर्भर करेंगे, ये सही नहीं होगा। जीवन ऐसे नहीं चलता और वो मेरे पिता के तौर पर मौजूद थे।’

श्रीदेवी के साथ रिश्तों पर उन्होंने कहा था, ‘मधुर संबंध थे मेरे पिता के जीवन में जो भी हैं, मैं उनका सम्मान करता हूं क्योंकि वो भी ऐसा ही चाहेंगे। इसलिए मैं उनका सम्मान करता हूं और उनके लिए कभी बुरा नहीं चाहता। 

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