आइआइटी में काउंसिलिंग टीम अब हास्टल के कमरों में जाकर खोलेगी बंद मन के द्वार

आइआइटी में गुमसुम और एकाकी तरह से रह रहे छात्रों के मन को टटोला जाएगा। काउंसिलिंग टीम हॉस्टल में जाकर ऐसे छात्रों से संवाद करेगी, जो अत्यधिक समय कमरों में बिता रहे हैं। उन्हें उनकी खासियत से अवगत कराया जाएगा।आइआइटी में गुमसुम और एकाकी तरह से रह रहे छात्रों के मन को टटोला जाएगा। काउंसिलिंग टीम हॉस्टल में जाकर ऐसे छात्रों से संवाद करेगी, जो अत्यधिक समय कमरों में बिता रहे हैं। उन्हें उनकी खासियत से अवगत कराया जाएगा।  बीटेक, एमटेक, पीएचडी कर रहे छात्रों पर पढ़ाई का बोझ न हो उसके लिए काउंसिलिंग सेल लगातार काम कर रही है। इसमें क्लीनिक और फोन की सुविधा भी शामिल है। अब तक समस्या आने पर काउंसिलिंग टीम छात्र को बुलाकर समस्या की जानकारी लेती थी। उन्हें कहां पर दिक्कत आ रही है, क्या समस्या है। उसको दूर करने का प्रयास होता रहा है। इसके बावजूद छात्रों में तनाव की समस्या कम नहीं हो रही है। इसे रोकने के लिए काउंसिलिंग टीम हॉस्टल में जाकर छात्र से संवाद करेगी। काउंसिलिंग टीम की मानें तो कई छात्र एकाकी तरह से रह रहे हैं। साथियों से उनका मेलजोल भी कम है। उनमें तनाव की आशंका काफी हो सकती है। अब ऐसे छात्रों को चिह्नित किया जाएगा। इस काम में छात्रों के विभिन्न क्लबों से संपर्क किया जा रहा है। आइआइटी काउंसलर रीता शुक्ला का कहना है कि छात्र-छात्राओं में तनाव को कम करने की कई योजनाएं बनाई गई है। एकाकी तरह से रहने वाले छात्रों से हॉस्टल में जाकर बातचीत की जाएगी। - - - - - - - - - - -     ADVERTISING  inRead invented by Teads  नए छात्र-छात्राओं से आइआइटी कैंपस गुलजार यह भी पढ़ें घर की तरह माहौल बनाने की तैयारी  नए छात्रों को घर की काफी याद आती है। माता पिता और अन्य रिश्तेदारों से मिलने का मन करता है। ऐसे में उनके लिए घर की तरह माहौल बनाने की योजना बनाई गई है। उन्हें खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल कराया जाएगा। - - - - - - - - - - -  आइआइटी में 'पिच डे' पर स्टार्टअप की 'हैट्रिक'   आइआइटी को एक करोड़ रुपये गुरुदक्षिणा देंगे एल्युमिनाई यह भी पढ़ें कानपुर : आइआइटी में रविवार को स्टार्टअप की 'हैट्रिक' हो गई। टाई यूपी, वेंचर कैटलिस्ट और कानपुर एंजल नेटवर्क की ओर से उद्यमिता पर खास कार्यक्रम 'पिच डे' का आयोजन किया गया। इसमें शहर के 20 नामी उद्यमियों के सामने तीन प्रोजेक्ट का प्रदर्शन हुआ। इन प्रोजेक्ट को औद्योगिक इकाइयों की ओर से आर्थिक सहयोग की सहमति मिल गई। लखनऊ के अक्षय जोशी ने वायु प्रदूषण मापने वाला अब तक का सबसे छोटा सेंसर बनाया है। इसकी सहायता से हवा में प्रदूषण का आकलन किया जा सकेगा। कंपनी ने एयर प्यूरीफायर सिस्टम भी तैयार किया है। सचिन साहनी ने बिना तेल वाला सेहतमंद स्नैक्स तैयार किया है। इसको खरबूज, तरबूज के बीज, ड्राईफ्रूट्स से बनाया गया है। बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों को यह पसंद आ रहा है। कंपनी के 200 से अधिक आउटलेट हैं। इसके साथ ही यह ऑनलाइन भी उपलब्ध है। मेसर टेक्नोलॉजी ने सस्ता स्टरलाइजेशन सिस्टम तैयार किया है। इसकी सहायता से चिकित्सकीय उपकरणों को कीटाणु रहित किया जा सकेगा। कंपनी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) समेत 100 से अधिक अस्पतालों में इसे दे चुकी है। टाई यूपी की निदेशक अंकिता द्विवेदी के मुताबिक तीनों कंपनियां स्टार्टअप का पहला चरण पार कर चुकी हैं। अब दूसरे चरण पर काम कर रही हैं। उन्हें फंडिंग की जरूरत है, जिस पर उद्यमियों की ओर से सहमति मिल गई है। कार्यक्रम का मुख्य मकसद प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। अमित तिवारी, विनायक नाथ, अभिजीत साठे, गोपाल सूटवाला समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। - - - - - - - - - - -  करिअर की राह दिखाने वाली परीक्षा में सैकड़ों छात्र शामिल  कानपुर : जागरण समूह के इंडियन इंटेलीजेंस टेस्ट सीजन-6 के ओपन सेंटर टेस्ट में छात्र-छात्राओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के आंकलन का मौका मिला। मल्टीपल इंटेलिजेंस व स्कॉलिस्टिक एप्टीट्यूट पर आधारित 100 सवालों ने जमकर दिमाग की कसरत कराई। उनको हल करने में छात्रों ने खूब दिलचस्पी दिखाई। यह परीक्षा खुद की काबिलियत परखने और करिअर की राह दिखानी वाली थी। इसका आयोजन पीएसआइटी भौंती में किया गया। ओपन सेंटर टेस्ट में कक्षा 5 से 12वीं तक के छात्र शामिल हुए। यह कानपुर समेत आसपास के जनपदों से आए थे। परीक्षा के बाद छात्रों ने खुशी जताते हुए बताया कि परीक्षा के माध्यम से उन्हें अपनी क्षमता का आंकलन हो गया। साथ ही यह भी पता चला कि आगे बढ़ने के लिए किस स्तर पर तैयारी करनी होगी।  बेहतर भविष्य के लिए प्रोत्साहित  नॉलेज पाटर्नर पीएसआइटी के साथ हो रहे आइआइटी सीजन-6 का ओपन टेस्ट पीएसआइटी कैंपस भौंती में हुआ। शिक्षकों ने भी संस्थान की ओर से भी छात्रों को बेहतर भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया। परीक्षा परिणाम को लेकर दैनिक जागरण में समय-समय पर जानकारी प्रकाशित होती रहेगी। आइआइटी के नतीजे छात्रों को बताएंगे कि वह किस क्षेत्र में बेहतर कर सकते हैं। उन्हें किस दिशा में करिअर बनाने के लिए आगे बढ़ना चाहिए। परिणाम से छात्र के साथ-साथ उनके अभिभावकों की टेंशन भी दूर हो जाएगी।

बीटेक, एमटेक, पीएचडी कर रहे छात्रों पर पढ़ाई का बोझ न हो उसके लिए काउंसिलिंग सेल लगातार काम कर रही है। इसमें क्लीनिक और फोन की सुविधा भी शामिल है। अब तक समस्या आने पर काउंसिलिंग टीम छात्र को बुलाकर समस्या की जानकारी लेती थी। उन्हें कहां पर दिक्कत आ रही है, क्या समस्या है। उसको दूर करने का प्रयास होता रहा है। इसके बावजूद छात्रों में तनाव की समस्या कम नहीं हो रही है। इसे रोकने के लिए काउंसिलिंग टीम हॉस्टल में जाकर छात्र से संवाद करेगी। काउंसिलिंग टीम की मानें तो कई छात्र एकाकी तरह से रह रहे हैं। साथियों से उनका मेलजोल भी कम है। उनमें तनाव की आशंका काफी हो सकती है। अब ऐसे छात्रों को चिह्नित किया जाएगा। इस काम में छात्रों के विभिन्न क्लबों से संपर्क किया जा रहा है। आइआइटी काउंसलर रीता शुक्ला का कहना है कि छात्र-छात्राओं में तनाव को कम करने की कई योजनाएं बनाई गई है। एकाकी तरह से रहने वाले छात्रों से हॉस्टल में जाकर बातचीत की जाएगी। 

घर की तरह माहौल बनाने की तैयारी

नए छात्रों को घर की काफी याद आती है। माता पिता और अन्य रिश्तेदारों से मिलने का मन करता है। ऐसे में उनके लिए घर की तरह माहौल बनाने की योजना बनाई गई है। उन्हें खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल कराया जाएगा। 

आइआइटी में ‘पिच डे’ पर स्टार्टअप की ‘हैट्रिक’

कानपुर : आइआइटी में रविवार को स्टार्टअप की ‘हैट्रिक’ हो गई। टाई यूपी, वेंचर कैटलिस्ट और कानपुर एंजल नेटवर्क की ओर से उद्यमिता पर खास कार्यक्रम ‘पिच डे’ का आयोजन किया गया। इसमें शहर के 20 नामी उद्यमियों के सामने तीन प्रोजेक्ट का प्रदर्शन हुआ। इन प्रोजेक्ट को औद्योगिक इकाइयों की ओर से आर्थिक सहयोग की सहमति मिल गई। लखनऊ के अक्षय जोशी ने वायु प्रदूषण मापने वाला अब तक का सबसे छोटा सेंसर बनाया है। इसकी सहायता से हवा में प्रदूषण का आकलन किया जा सकेगा। कंपनी ने एयर प्यूरीफायर सिस्टम भी तैयार किया है। सचिन साहनी ने बिना तेल वाला सेहतमंद स्नैक्स तैयार किया है। इसको खरबूज, तरबूज के बीज, ड्राईफ्रूट्स से बनाया गया है। बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों को यह पसंद आ रहा है। कंपनी के 200 से अधिक आउटलेट हैं। इसके साथ ही यह ऑनलाइन भी उपलब्ध है। मेसर टेक्नोलॉजी ने सस्ता स्टरलाइजेशन सिस्टम तैयार किया है। इसकी सहायता से चिकित्सकीय उपकरणों को कीटाणु रहित किया जा सकेगा। कंपनी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) समेत 100 से अधिक अस्पतालों में इसे दे चुकी है। टाई यूपी की निदेशक अंकिता द्विवेदी के मुताबिक तीनों कंपनियां स्टार्टअप का पहला चरण पार कर चुकी हैं। अब दूसरे चरण पर काम कर रही हैं। उन्हें फंडिंग की जरूरत है, जिस पर उद्यमियों की ओर से सहमति मिल गई है। कार्यक्रम का मुख्य मकसद प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा देना है। अमित तिवारी, विनायक नाथ, अभिजीत साठे, गोपाल सूटवाला समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। 

करिअर की राह दिखाने वाली परीक्षा में सैकड़ों छात्र शामिल

कानपुर : जागरण समूह के इंडियन इंटेलीजेंस टेस्ट सीजन-6 के ओपन सेंटर टेस्ट में छात्र-छात्राओं को अपनी बौद्धिक क्षमता के आंकलन का मौका मिला। मल्टीपल इंटेलिजेंस व स्कॉलिस्टिक एप्टीट्यूट पर आधारित 100 सवालों ने जमकर दिमाग की कसरत कराई। उनको हल करने में छात्रों ने खूब दिलचस्पी दिखाई। यह परीक्षा खुद की काबिलियत परखने और करिअर की राह दिखानी वाली थी। इसका आयोजन पीएसआइटी भौंती में किया गया। ओपन सेंटर टेस्ट में कक्षा 5 से 12वीं तक के छात्र शामिल हुए। यह कानपुर समेत आसपास के जनपदों से आए थे। परीक्षा के बाद छात्रों ने खुशी जताते हुए बताया कि परीक्षा के माध्यम से उन्हें अपनी क्षमता का आंकलन हो गया। साथ ही यह भी पता चला कि आगे बढ़ने के लिए किस स्तर पर तैयारी करनी होगी।

बेहतर भविष्य के लिए प्रोत्साहित

नॉलेज पाटर्नर पीएसआइटी के साथ हो रहे आइआइटी सीजन-6 का ओपन टेस्ट पीएसआइटी कैंपस भौंती में हुआ। शिक्षकों ने भी संस्थान की ओर से भी छात्रों को बेहतर भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया। परीक्षा परिणाम को लेकर दैनिक जागरण में समय-समय पर जानकारी प्रकाशित होती रहेगी। आइआइटी के नतीजे छात्रों को बताएंगे कि वह किस क्षेत्र में बेहतर कर सकते हैं। उन्हें किस दिशा में करिअर बनाने के लिए आगे बढ़ना चाहिए। परिणाम से छात्र के साथ-साथ उनके अभिभावकों की टेंशन भी दूर हो जाएगी।

You May Also Like

English News