किसी फिल्म से कम नहीं है इस बल्लेबाज की कहानी, पिता हैं हीरो !

दिल्ली डेयरडेविल्स और पुणे के बीच खेले गए मुकाबले में दिल्ली के संजू सैमसन ने शानदार शतक जड़ा, इस आईपीएल सीजन में ये पहला शतक था, तो टी-20 फॉर्मेट में सैमसन ने भी पहली बार तीन अंक में अपना स्कोर पहुंचाया था। सैमसन ने 63 गेंदों में 102 रनों की शानदार पारी खेली, उनकी ही पारी की बदौलत दिल्ली ने पुणे को 206 रनों का बड़ा लक्ष्य दिया। आईपीएल में दिल्ली के ओर से शतक लगाने वाले संजू छठें बल्लेबाज हैं, इस पारी में उन्होने 5 बेहतरीन छक्के भी लगाए थे।

लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ समय पहले ही केरल क्रिकेट संघ की अनुशासनात्मक समिति ने मर्यादा में बने रहने के लिये संजू को चेतावनी के साथ माफी दी थी, दरअसल 22 वर्षीय इस बल्लेबाज पर आपत्तिजनक आचरण करने का आरोप लगा था। इसके बाद केसीए के अध्यक्ष टी सी मैथ्यू के साथ संजू के पिता द्वारा किये गए बुरे रवैये ने इस मामले को और गंभीर बना दिया था, फिर केसीए ने संजू के पिता से इस बात को सुनिश्चित करने को कहा था कि वो अपने बेटे के साथ मैदान पर नहीं आएंगे, और ना ही क्रिकेट से जुड़े किसी मुद्दे पर हस्तक्षेप करेंगे। पिछले साल दिसंबर में रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान इस युवा बल्लेबाज ने बेहद आपत्तिजनक व्यवहार किया था, इसके साथ ही इन पर ये भी आरोप था कि वो टीम के साथ होटल में नहीं रुके थे।

संजू सैमसन के क्रिकेट के लिये ही उनके पिता विश्वनाथ सैमसन ने दिल्ली पुलिस की नौकरी छोड़ दी थी, वो किसी भी कीमत पर संजू को क्रिकेटर बनाना चाहते थे,

लेकिन दिल्ली में अंडर 13 टीम में उनका सलेक्शन नहीं हुआ, जिसके बाद उन्होने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली और परिवार के साथ वो अपने शहर थिरुवनंतपुरम लौट गए। आपको बता दें कि संजू सैमसन तब दिल्ली के रोजरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ते थे।

शतक जड़ने के बाद इस प्रतिभाशाली बल्लेबाज ने अपनी सफलता का पूरा क्रेडिट टीम के कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान जहीर खान को दिया,
संजू ने कहा कि पिछले तीन-चार सालों से वो द्रविड़ के साथ जुड़े हैं, दिल्ली डेयरडेविल्स से पहले वो राजस्थान रॉयल्स में भी उनके साथ थे, नेट पर भी ये दोनों अनुभवी खिलाड़ी उनकी काफी मदद करते हैं।

 

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