आखिरी वक्त में ऐसी हालत हो गई थी गब्बर सिंह की, चलना-फिरना भी हो गया था बंद, जानिए क्या था कारण…

अमजद खान को आज सभी लोग विलेन यानि गब्बर सिंहके किरदार से ही पहचानते हैं, लेकिन हिंदी सिनेमा के इस बेहतरीन अभिनेता ने जिस तन्मयता से नेगेटिव किरदार निभाए उतनी ही लगन से पॉजिटिव किरदार भी निभाए और अपनी एक अलग पहचान कायम की..फिर चाहे वो दोस्त का किरदार हो, भाई का हो या फिर पिता का…हर किरदार को अमजद खान ने ऐसा गढ़ा कि वो हिंदी सिनेमा के इतिहास में अमर हो गया। आखिरी वक्त में ऐसी हालत हो गई थी गब्बर सिंह की, चलना-फिरना भी हो गया था बंद, जानिए क्या था कारण...

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अमजद खान ने अपनी जिंदगी में आई हर मुश्किल का डटकर सामना किया, लेकिन एक घटना ऐसी घटी जिसने उनकी जिंदगी ही तबाह कर दी। ये घटना उस वक्त की है जब अमजद खान अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म ‘द ग्रेट गैंबलर’ में काम कर रहे थे। फिल्म की शूटिंग गोवा में होनी थी और उसी के लिए अमजद खान अपने परिवार के साथ गोवा के लिए रवाना हुए लेकिन रास्ते में ही अमजद खान की गाड़ी की भयानक एक्सीडेंट हुआ जिसमें अमजद खान को काफी चोट आई। 

अमजद खान की 13 पसलियां टूट गईं जबकि स्टेयरिंग उनके फेफड़ों में घुस गया। इस एक्सीडेंट की वजह से अमजद खान लंबे वक्त तक के लिए व्हील चेयर पर टिक गए। उनका ऑपरेशन करना पड़ा। इसी दौरान अमिताभ बच्चन ने अमजद खान और उनके परिवार की काफी मदद की।

एक्सीडेंट क्या हुआ लगा जैसे अमजद खान का बुरा दौर ही शुरू हो गया। यहीं से अमजद खान का वजन बढ़ना शुरू हो गया। अमजद खान एक ऐसे इंसान थे जो फिटनेस को काफी तरजीह देते थे। रोजाना बैडमिंटन खेलना, एक्सरसाइज करना अमजद खान की आदत बन गई थी, लेकिन एक्सीडेंट के बाद तो जैसे सबकुछ रुक गया।

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अमजद खान के उस एक्सीडेंट और उस दौरान की स्थिति का जिक्र अमजद खान की पत्नी शैला खान ने फिल्मफेयर को दिए एक इंटरव्यू में किया था। बकौल शैला खान, ‘एक्सीडेंट के बाद सबकुछ रुक गया था। दवाईयों और ना चल-फिर पाने की वजह से अमजद का वजन तेजी से बढ़ने लगा। उन्हें मीठा बहुत पसंद था, चाय के शौकीन थे, लेकिन उनका वजन दवाईयों की वजह से बढ़ा।

बढ़ते वजन की वजह से अमजद खान की हालत इतनी खराब हो गई कि वो कोमा में भी चले गए। हालांकि वो कुछ वक्त बाद इससे बाहर भी आ गए…लेकिन 1994 में 27 जुलाई की वो रात अमजद खान और उनके पूरे परिवार के लिए बुरा सपना साबित हुई।

अमजद खान की पत्नी के मुताबिक, ‘वो नॉर्मल दिन था। शाम को 7 बजे अमजद को किसी से मिलना था तो इसलिए वो कपड़े चेंज करने चले गए। तभी 7:20 के आस-पास शादाब ( अमजद और शैला का बड़ा बेटा) दौड़ता हुआ मेरे पास आया और कहा, ‘डैडी का शरीर ठंडा पड़ रहा है, उन्हें बहुत पसीने आ रहे हैं। जाकर देखा तो अमजद बेहोश हो गए थे और कुछ ही मिनटों में वो इस दुनिया से चले गए।’

अमजद खान तो चले गए लेकिन इसके बाद तो जैसे उनके परिवार पर विपत्ति का सैलाब ही आ गया। हालांकि पूरे परिवार ने हिम्मत करके आगे बढ़ना सीखा। शैला खान के मुताबिक, ‘अमजद हमेशा ही कहते रहते थे, ‘मैं यूं ही 5 मिनट में चला जाऊंगा किसी को पता भी नहीं चलेगा और ना ही किसी से सेवा करवाऊंगा।’

हुआ भी ऐसा ही। अमजद खान मिनटों में ही इस दुनिया से चले गए और आज भी उनके पूरे परिवार को इसका मलाल है।

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