आखिर क्यों इस तरह लाशें ढोने को मजबूर हुए थे लोग

पाकिस्तान जब भारत से अलग हुआ तो वह दो टुकड़ों वाला एक देश बना। एक टुकड़ा पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) था तो दूसरा पश्चिमी पाकिस्तान। पूर्वी पाकिस्तान के लोग बंगाली संस्कृति मे रचे-बसे, पढ़े-लिखे और समझदार थे इसलिए पश्चिमी पाकिस्तान से अलग होना चाहते थे।

बड़ी खबर: चीन में लाखों महिलाओं के शरीर से निकाले गए गर्भनिरोधी उपकरण

आखिर क्यों इस तरह लाशें ढोने को मजबूर हुए थे लोग

इसके लिए आंदोलन हुए और बांग्लादेश मुक्ति के लिए लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू किए। लेकिन पाकिस्तानी हुकूमत ने आंदोलनों को सैन्य हिंसा से कुचला और पूर्वी पाकिस्तान में अपने ही लोगों का नरसंहार किया।

2016 में धरती पर आई इन प्राकृतिक आपदाओं से हिल गई दुनिया

पाक सेना ने हजारों निर्दोष लोगों को बिना कारण मौत के घाट उतार दिया। तब हालात ये थे कि लोगों का जब कोई प्रियजन-परिजन गायब होता तो वे मान लेते कि उसे मार दिया गया होगा। अगले दिन लाशें मिलतीं।ये नरसंहार इतने बड़े पैमाने पर था कि लोगों के पास अपने प्रियजनों की लाश ढोने के लिए बैलगाड़ियां तक नहीं बचीं। तब मजबूर और दुखी लोग अपने बच्चों या अन्य परिजनों की लाशें लकड़ी के डंडों से इस तरह बांधकर ढोते थे।

 

You May Also Like

English News