आखिर क्यों बाबा रामदेव की सक्रियता से ये मुख्यमंत्री हो गये परेशान..?

गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के साथ एक और राज्य है जहां होने वाले उपचुनावों पर कांग्रेस और भाजपा आलाकमान की नजर रहने वाली है। यह राज्य है राजस्थान जहां संभवतया ​​गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावों साथ यहां की तीन सीटों के लिए उपचुनाव हो सकते है।आखिर क्यों बाबा रामदेव की सक्रियता से ये मुख्यमंत्री हो गये परेशान..?अभी-अभी: राम रहीम और डेरा की मुश्किलें बढ़ीं, ED ने शुरू किया पाई पाई का हिसाब लेना

जिसमे दो लोकसभा व एक विधानसभा की सीट है। इनमें अलवर व अजमेर की लोकसभा सीट के साथ मांडलगढ़ की विधानसभा सीट भी सम्मलित है।  इन उपचुनावों को लेकर राजस्थान की राजनीति में सक्रियता बढ़ गई है। हाल ही में योग गुरू बाबा रामदेव की अलवर यात्रा के बाद टिकिटों को लेकर भाजपा में खींचतान तेज हो गई है।

सभी की नजर उपचुनाव पर

लेकिन राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे उपचुनाव में टिकिट वितरण की गणित से दूर ही दिख रही है। अभी तक भाजपा आलाकमान ने भी उनसे इस सबंध में कोई चर्चा नहीं की है। जबकि हाल ही में बाबा रामदेव जब अलवर आए तो कई स्थानीय भाजपा नेताओं ने उनसे मुलाकात की।

साथ ही पूर्व सांसद और राजपा के नेता किरोड़ीलाल मीणा ने भी रामेदव का स्वागत किया।  यात्रा के दौरान स्थानीय भाजपा नेता रामेदव के साथ नजदीकी दिखाते नजर आए थे। जिसमें वर्तमान राज्य सरकार में श्रम मंत्री जसवंत यादव का नाम सबसे उपर है। वे अपने बेटे मोहित यादव के लिए अलवर लोकसभा सीट से भाजपा टिकिट के लिए दावेदारी पेश कर रहे है। 

बाबा रामेदव की रही थी भूमिका

इसके अतिरिक्त  भाजपा के राज्यसभा सांसद और अमित शाह के करीबी माने जाने वाले भूपेन्द्र यादव के भी अलवर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा है। राजनीति जानकारों के अनुसार बाबा रामदेव का अलवर आना और स्थानीय भाजपा नेताओं से मुलाकात का असर अवश्य ​टिकिट वितरण में देखने को मिलेगा। गौरतलब है कि अलवर के पूर्व सांसद महंत चांदनाथ को टिकिट दिलवाने में रामदेव का अहम योगदान था। 

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