आखिर पता चल गया सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की वायरल फोटो का राज

अब इसे सियासत का गिरता स्तर कहें या फिर सोशल मीडिया का दुरुपयोग, मुख्यमंत्री जैसे दिखने वाले एक व्यक्ति की शराब की बोतलें थामे फोटो वायरल कर दी गई। सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को बदनाम करने वाली इस फोटो और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर आई प्रतिक्रियाओं के बाद सियासी गलियारों तथा सरकारी तंत्र में हड़कंप मच गया। आखिरकार मुख्यमंत्री कार्यालय को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस तक बात पहुंची तो हकीकत सामने आ गई। दरअसल, यह तस्वीर सतपुली के एक रिटायर्ड सीआइएसएफ की निकली, जिसे सतपुली इलाके से ही कुछ दिन पहले वायरल किया गया था। अब पुलिस यह पता करने में जुटी है कि यह हरकत किसने की और क्या इसके पीछे कोई सियासी षड़यंत्र है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि सत्य सिंह रावत से पूछताछ में सामने आया है कि कुछ समय पहले एक व्यक्ति ने उनकी यह तस्वीर उनसे ली थी। माना जा रहा है कि उसी शख्स ने यह हरकत की है। फिलहाल मामले में अभी जांच चल रही है। मामले में तहरीर मिलने पर मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।  सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि सोशल मीडिया का इस तरह दुरुपयोग चिंताजनक और निंदनीय है। राजनैतिक षड़यंत्र के तहत इसे प्रचारित-प्रसारित किया गया है तो इससे राजनीति के गिरते स्तर का पता चलता है। मैं ऐसे किसी भी अनुचित दबाव में नहीं आऊंगा और भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।यह भी पढ़ें: सहकारिता में वर्चस्व को लेकर भाजपा के सामने बड़ी चुनौती

राजनीति में विरोधी कैसे-कैसे पैंतरे आजमाते हैं और किस हद तक जा सकते हैं, इसकी बानगी उस समय देखने को मिल गई, जब मुख्यमंत्री के हमशक्ल की शराब की बोतलों के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई। प्रचारित किया गया कि यह तस्वीर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की है। सोशल मीडिया जो तस्वीर वायरल हुई, उसमें एक सोफे पर बैठे तीन लोग दिखाई दे रहे हैं। इसमें बीच में बैठे शख्स के दोनों हाथ में शराब की बोतलें हैं। यह तस्वीर जब भाजपा नेताओं और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची तो सभी सकते में आ गए।

मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश पर खुफिया विभाग और दून पुलिस को मामले की जांच कर सच्चाई का पता लगाने के लिए कहा गया। पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट के जरिये जांच कराई तो पता चला कि यह तस्वीर पौड़ी जिले के सतपुली इलाके से वायरल हुई है और जो शख्स तस्वीर में दिख रहा है, उसका नाम सत्य सिंह रावत है। वह मूलरूप से पौड़ी गढ़वाल के गड़कोट इलाके के रहने वाले हैं। सत्य सिंह रावत सीआइएसएफ से सेवानिवृत्त हैं। 

इत्तेफाक यह कि शक्ल के साथ उनकी कद-काठी भी मुख्यमंत्री से लगभग मेल खाती है, हालांकि उनकी उम्र ज्यादा है। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि सत्य सिंह मौजूदा समय में देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित इंद्रप्रस्थ मोहल्ले में रहते हैं। पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो बताया कि यह तस्वीर उनकी है और यह 18 अप्रैल 2014 को एक विवाह समारोह में ली गई है। मुख्यमंत्री का गृहक्षेत्र खैरासैंण भी सतपुली इलाके के ही करीब है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह हरकत किसी शरारती तत्व द्वारा की गई और बाद में तस्वीर को मुख्यमंत्री की तस्वीर बता कर वायरल कर दी गई।

एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि सत्य सिंह रावत से पूछताछ में सामने आया है कि कुछ समय पहले एक व्यक्ति ने उनकी यह तस्वीर उनसे ली थी। माना जा रहा है कि उसी शख्स ने यह हरकत की है। फिलहाल मामले में अभी जांच चल रही है। मामले में तहरीर मिलने पर मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि सोशल मीडिया का इस तरह दुरुपयोग चिंताजनक और निंदनीय है। राजनैतिक षड़यंत्र के तहत इसे प्रचारित-प्रसारित किया गया है तो इससे राजनीति के गिरते स्तर का पता चलता है। मैं ऐसे किसी भी अनुचित दबाव में नहीं आऊंगा और  

 
 
 

 
 
 
 
 
 

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