आजम व सलमान खुर्शीद की पत्नी पर केस चलाने की योगी सरकार से मांगी मंजूरी…

आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दो अलग-अलग मामलों में पूर्व मंत्री आजम खां और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस चलाने के लिए सरकार से अनुमति मांगी है।आजम व सलमान खुर्शीद की पत्नी पर केस चलाने की योगी सरकार से मांगी मंजूरी...

आजम पर सपा राज में जल निगम में हुई भर्तियों में गड़बड़ी और लुईस खुर्शीद पर विकलांगों के नाम पर मिले उपकरणों में हेराफेरी करने का आरोप है। इसके अलावा एसआईटी ने फर्जी राशन कार्ड के जरिये अनाज घोटाले में मेरठ के जिला आपूर्ति अधिकारी और सप्लाई इंस्पेक्टर समेत 80 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया है।

सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने आजम व ईओडब्ल्यू ने लुईस खुर्शीद मामले की प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। दोनों ही विंग के इंचार्ज आलोक प्रसाद हैं। 31 मार्च को रिटायर हो रहे आलोक ने रिटायरमेंट से ऐन पहले शासन को भेजी रिपोर्ट में बताया है कि दोनों मामलों में पर्याप्त सुबूत हैं।

ऐसे में इनके खिलाफ अभियोग चलाया जाना चाहिए। हालांकि प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार का कहना है कि गृह विभाग को अभी यह रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने पर न्याय विभाग से राय ली जाएगी। फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भर्तियों में गड़बड़ी से लेकर विकलांगों का पैसा खाने का आरोप

आजम खां : सारे नियम ताक पर रखकर की थी जल निगम में भर्तियां
सपा शासनकाल में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खां जल निगम बोर्ड के चेयरमैन भी थे। वर्ष 2016 में 122 सहायक अभियंता, 853 अवर अभियंता, 335 नैतिक लिपिक व 32 आशुलिपिक समेत 1300 पदों पर भर्तियां की थीं। भर्ती के लिए वित्त विभाग से अनुमति नहीं ली गई थी। सरकार के बजाय जल निगम के अध्यक्ष के स्तर पर ही भर्ती की मंजूरी दी गई थी। एई कंप्यूटर के चार पदों पर भर्ती भी बिना पद सृजन के ही कर दी गई। योगी सरकार इस मामले में 122 सहायक अभियंताओं को पहले ही बर्खास्त कर चुकी है।

लुईस खुर्शीद : विकलांगों को उपकरण बांटने में 71.5 लाख का गबन
सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट चलाती हैं। 2010 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने ट्रस्ट को 71.50 लाख रुपये का अनुदान देकर विकलांगों का शिविर लगाकर उपकरण बांटने के लिए कहा था। ट्रस्ट ने दावा किया कि कायमगंज में कैंप लगाकर उपकरण बांटे गए। हालांकि 5 साल तक चली ईओडब्ल्यू की जांच में सब फर्जी पाया गया। ईओडब्ल्यू ने ट्रस्ट की सर्वेसर्वा लुईस व अन्य के खिलाफ केस की अनुमति मांगी है।

राशन घोटाला : फर्जी राशन कार्ड से 2000 करोड़ की गड़बड़ी

मेरठ में फर्जी राशन कार्ड के जरिए गरीबों को मिलने वाले राशन की लूट की भाजपा नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी की शिकायत पर सरकार ने एसआईटी से जांच कराई। जांच में मेरठ में 58 फीसदी राशन कार्ड फर्जी मिले। प्रदेश में अब तक 30 लाख से अधिक राशन कार्ड फर्जी पाए जा चुके हैं। वाजपेयी का दावा है कि फर्जी राशन कार्ड से पूरे प्रदेश में तकरीबन 2 हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। 

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