आज खत्म हो सकता है अन्ना हजारे का आंदोलन, महाराष्ट्र के मंत्री ने किया दावा

दिल्ली के रामलीला मैदान में 23 मार्च से चल रहा अन्ना हजारे का आंदोलन 27 मार्च यानी मंगलवार दोपहर या शाम तक खत्म हो सकता है।आज खत्म हो सकता है अन्ना हजारे का आंदोलन, महाराष्ट्र के मंत्री ने किया दावारामलीला मैदान में अन्ना हजारे का अनशन अब रंग लाने लगा है और केंद्र सरकार की चुप्पी भी टूटने लगी है। सक्षम किसान, सशक्त लोकपाल और चुनाव सुधार की मांगों लेकर अन्ना के अनशन के चौथे दिन सरकार ने मांगों को पूरा करने के संबंध में एक सकारात्मक कदम बढ़ाया है।

सोमवार को केंद्र सरकार के प्रतिनिधि बनकर अन्ना से मिलने पहुंचे महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश दत्तात्रेय महाजन ने केंद्र सरकार द्वारा लगभग 80 प्रतिशत मांगों पर विचार करके उन्हें मान लेने की बात कही, लेकिन वहीं अन्ना से स्पष्ट किया कि सिर्फ आश्वासनों से बात नहीं बनेगी, अगर सरकार लिखित में उनकी मांगों को पूरा करे तो अनशन समाप्त किया जा सकता है, वरना अंतिम सांस तक अन्ना सत्याग्रह जारी रखेंगे।

सोमवार दोपहर करीब तीन बजे महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश दत्तात्रेय महाजन रामलीला मैदान पहुंचे। अन्ना से मिलने के दौरान मंत्री के साथ आए सभी लोगों को अन्ना के कक्ष से बाहर रोक लिया गया। अन्ना ने करीब आधे घंटे तक मंत्री से मुलाकात की। इस बीच रामलीला मैदान में मौजूद सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधि और जन समर्थकों के बीच शांति स्थापित हो गई। सब लोग सरकार की ओर से आए फरमान को जानने के लिए उत्सुकता से इंतजार करने लगे।

– सरकार मंगलवार को कर सकती है मांगे पूरी
बैठक के बाद गिरीश महाजन ने बताया कि उन्होंने अन्ना को बताया कि सरकार ने उनकी 10-11 मांगों पर गहनता से विचार किया है और इन मांगों को सरकार पूरा करने के लिए तैयार भी हो गई है। वहीं उन्होंने कहा कि मंगलवार तक सरकार इन मंागों को पूरा करके इस संबंध में स्पष्ट जानकारी देगी। इसके साथ ही उन्होंने संभावना जताई कि सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप मांगे पूरी होने की स्थिति में मंगलवार को ही अन्ना अनशन को खत्म कर सकते हैं।

– ठोस कार्रवाई नहीं तो सरकार पर यकीन नहीं
मंत्री से मुलाकात करने के बाद अन्ना बोले कि सरकार ने कृषि खर्च का डेढ़ प्रतिशत मूल्य देने, 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को 5 हजार रुपये मासिक पेंशन, कृषि मूल्य आयोग की स्वायत्तता के अलावा अन्य मांगों पर विचार करके उन्हें पूरो करने की बात कही है। सरकार ने बेशक मांगों को पूरा करने के संबंध में मंत्री को प्रतिनिधि बनाकर भेजा है, लेकिन अभी तक मांगों को पूरा करने के संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सरकार के आश्वासनों पर यकीन नहीं किया जा सकता, इसलिए सरकार को मांगों को लिखित स्वीकृति देनी होगी। उसके बाद ही अनशन के समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।

– किसानों को सक्षम बनाने के लिए रुके आयात
अन्ना ने कहा कि भारत में फसल के समय सरकार अनाज का आयात करती है, जिससे किसानों की फसल के उचित दाम नहीं मिल पाते, जिस कारण किसान परिवारों को नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार को अनाज आयात के बजाए किसानों की फसलों पर ध्यान देना चाहिए, जिससे फसलों की उचित कीमत किसानों तक पहुंच सकेगी।

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