आज भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में मंगला आरती के लिए शामिल हुए अमित शाह..

अहमदाबाद में रविवार को भगवान जगन्नाथ की 140वीं रथयात्रा निकली. इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलराम के साथ भगवान नगरयात्रा पर निकले. सुबह चार बजे मंगला आरती और खास खिचड़ी का भोग भगवान को चढ़ाया गया, भगवान की मंगला आरती के साथ ही हजारों भक्तों ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए. आज भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में मंगला आरती के लिए शामिल हुए अमित शाह..राष्ट्रपत‌ि भवन से है भारत के इस रहस्यमयी मंद‌िर का कनेक्शन, जानिए यहाँ होते है हर पल चमत्कार…

आपको बता दें कि आरती के बाद भगवान को रथ में बैठाया जाता है, जहाँ गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने विधि यानी भगवान के रथ में सोने के झाड़ू से झाड़ू लगाकर रथ को खुद खींच कर भगवान की इस रथयात्रा को शुरू किया. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी यहां मंगला आरती में भाग लिया. 

अहमदाबाद की भगवान जगन्नाथ रथयात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि जिस तर्ज पर जगन्नाथपुरी में रथयात्रा निकलती है, उस तर्ज़ पर ही यहां पर निकाली जाती है. हालांकि अहमदाबाद में भगवान के रथ 13 कि.मी की रथयात्रा कर शाम को ही मंदिर में वापस आ जाते है.

यात्रा के कई रंग
करीब 3 किमी. लंबी यात्रा की शुरुआत सबसे पहले गजराज से होती है, करीब 17 सजे हुए गजराज यात्रा में सबसे आगे रहते हैं. जिसके बाद करीब तीन किमी. तक कई प्रकार की झांकियां निकाली जाती हैं. वहीं इस दौरान 17 भजन मंडली भी भगवान के रथ के साथ रहती हैं.

प्रसाद के ख़ास इंतज़ाम
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के लिये प्रसाद के भी ख़ास इंतज़ाम रहते हैं. क़रीबन 100 किलो खिचड़ी के प्रसाद के साथ साथ 600 किलो मुंग, ककड़ी और जाबुन का प्रसाद रहता है.

सुरक्षा के ख़ास इंतज़ाम
रथ यात्रा के दौरान पूरे शहर में सुरक्षा के खास इंतजाम रहते हैं. सीआरपीएफ़, एसआरपी और आरएएफ़ की टीम के साथ-साथ गुजरात पुलिस के क़रीबन 19 हज़ार से ज़्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात रहते है. वहीं रथयात्रा के 13 किमी. लंबे रुट पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से भी नज़र रखी जाती है. वहीं NSG को भी रिजर्व में रखा जाता है. आपको बता दें कि क्योंकि रथयात्रा मुस्लिम इलाकों से भी निकलती है, इसलिए पुलिस ने इसके लिए कई बार शांति बैठकें भी की थी.

You May Also Like

English News