आज संसदीय समिति के सामने पेश होंगे उर्जित पटेल, बैंक घोटालों पर पूछे जा सकते हैं सवाल

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल मंगलवार को संसदीय स्थायी समिति के सामने पेश होंगे. इस दौरान उनसे समिति के सदस्य बैंकों के बढ़ते बैड लोन को लेकर और नोटबंदी के बाद बैंकों में वापस आए नोटों के आंकड़ों को लेकर सवाल कर सकते हैं.भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल मंगलवार को संसदीय स्थायी समिति के सामने पेश होंगे. इस दौरान उनसे समिति के सदस्य बैंकों के बढ़ते बैड लोन को लेकर और नोटबंदी के बाद बैंकों में वापस आए नोटों के आंकड़ों को लेकर सवाल कर सकते हैं.  संसदीय समिति के सदस्य और सांसद दिनेश त्रिवेदी ने कहा, '' नोटबंदी के बाद से अब तक लंबा समय गुजर चुका है. इस लंबी अवध‍ि के दौरान केंद्रीय बैंक ने अभी तक यह नहीं बताया है कि बैंक‍िंग सिस्टम में कितनी मुद्रा लौटी है.'' ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि मंगलवार को आरबीआई गवर्नर इस संबंध में कुछ आंकड़े जारी कर सकते हैं.  नोटबंदी के बाद लौटी मुद्रा के अलावा इस दौरान उर्जित पटेल से बैंकों के बढ़ते घोटाले और फंसे कर्ज को लेकर भी सवाल पूछे जा सकते हैं. इस संसदीय समिति की अध्यक्षता कांग्रेसी नेता वीरप्पा मोइली कर रहे हैं. इस समिति में देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हैं.  बता दें कि 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी. उन्होंने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद किए जाने की घोषणा की थी. नोटबंदी के बाद ही यह संसदीय समिति बनाई गई थी.  यह पहली बार नहीं है, जब उर्जित पटेल संसदीय समित‍ि के सामने पेश होंगे. इससे पहले भी उन्हें कई बार समिति के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा है.

संसदीय समिति के सदस्य और सांसद दिनेश त्रिवेदी ने कहा, ” नोटबंदी के बाद से अब तक लंबा समय गुजर चुका है. इस लंबी अवध‍ि के दौरान केंद्रीय बैंक ने अभी तक यह नहीं बताया है कि बैंक‍िंग सिस्टम में कितनी मुद्रा लौटी है.” ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि मंगलवार को आरबीआई गवर्नर इस संबंध में कुछ आंकड़े जारी कर सकते हैं.

नोटबंदी के बाद लौटी मुद्रा के अलावा इस दौरान उर्जित पटेल से बैंकों के बढ़ते घोटाले और फंसे कर्ज को लेकर भी सवाल पूछे जा सकते हैं. इस संसदीय समिति की अध्यक्षता कांग्रेसी नेता वीरप्पा मोइली कर रहे हैं. इस समिति में देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हैं.

बता दें कि 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी. उन्होंने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद किए जाने की घोषणा की थी. नोटबंदी के बाद ही यह संसदीय समिति बनाई गई थी.

यह पहली बार नहीं है, जब उर्जित पटेल संसदीय समित‍ि के सामने पेश होंगे. इससे पहले भी उन्हें कई बार समिति के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा है.

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